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एक दिन के लिए CDO बनीं 9वीं की छात्रा अलशिफा, कुर्सी पर बैठते ही समझीं अफसरशाही की बारीकियां

Published: Tue, 13 Oct 2026 10:57 PM (IST)

मिशन शक्ति के तहत बदायूं में कक्षा नौ की छात्रा अलशिफा एक दिन की प्रतीकात्मक सीडीओ बनीं, उन्होंने प्रशासनिक कामकाज ...और पढ़ें

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जगत की कक्षा नौ की छात्रा अलशिफा को जानकारी देतीं सीडीओ गामिनी सिंगला। सूवि

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जगत की कक्षा नौ की छात्रा अलशिफा को जानकारी देतीं सीडीओ गामिनी सिंगला। सूवि

HighLights

  1. विकास कार्यों की समीक्षा कर समझी अफसरों की जिम्मेदारी

जागरण संवाददाता, बदायूं। सामने प्रशासनिक कामकाज की फाइलें, विकास कार्यों की समीक्षा और जिम्मेदारियों को समझने का मौका। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, जगत की कक्षा नौ की छात्रा अलशिफा के लिए मंगलवार का दिन किसी सपने के सच होने से कम नहीं था। मिशन शक्ति अभियान के तहत उन्हें एक दिन के लिए प्रतीकात्मक सीडीओ बनाया गया।

सीडीओ की कुर्सी पर बैठकर अलशिफा ने न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से जाना, बल्कि जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर अफसरों की जिम्मेदारियों को भी समझा।

सीडीओ गामिनी सिंगला के निर्देशन में आयोजित इस पहल का मकसद बालिकाओं को यह अहसास कराना था कि बड़े पदों तक पहुंचना उनके लिए भी संभव है।

आमतौर पर जिस प्रशासनिक व्यवस्था को बालिकाएं दूर से देखती हैं, मंगलवार को उसी व्यवस्था को समझने और उसकी कार्यप्रणाली से परिचित होने का अवसर अलशिफा को मिला।

एक दिन की प्रतीकात्मक सीडीओ के रूप में उन्होंने जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि विकास योजनाएं किस तरह संचालित होती हैं, उनकी प्रगति पर नजर कैसे रखी जाती है और प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेते समय किन जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है।

इस अनुभव ने उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर दिया। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य केवल एक दिन के लिए पद की जिम्मेदारी सौंपना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है।

पहल के जरिये उन्हें यह संदेश दिया गया कि वे भी अपनी मेहनत, लगन और योग्यता के दम पर भविष्य में उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकती हैं। सीडीओ गामिनी सिंगला ने कहा कि बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना जरूरी है।

ऐसी गतिविधियों से उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और वे अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करें।

कक्षा आठ की छात्रा को बनाया एक दिन का इंस्पेक्टर, सुनी समस्याएं

ओरछी। शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में मंगलवार को मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत थाना फैजगंज बेहटा की मिशन शक्ति टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसके अलावा कक्षा आठ की छात्रा रोशनी कुमारी को फैजगंज बेहटा का इंस्पेक्टर बनाया गया।

थाना प्रभारी बनकर लोगों की समस्याएं सुनती छात्रा। जागरण

छात्रा ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। कार्यक्रम के दौरान टीम ने छात्राओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से संबंधित टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध होने पर वे 1090 वूमेन पावर लाइन, 112, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर तत्काल संपर्क कर सकती हैं।

इस मौके पर मिशन शक्ति टीम के उपनिरीक्षक मनोज कुमार, कांस्टेबल राहुल सिंह, महिला कांस्टेबल अंजली शर्मा और महिला कांस्टेबल रूबी मौजूद रहीं।

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