संसू, उझानी : तेहरा गांव के शिव मंदिर प्रांगण में मेरे राम कथा समिति की ओर से चल रही श्रीराम कथा का सोमवार को तीसरा दिन रहा। कथावाचक रवि समदर्शी ने कहा कि धरा पर अत्याचारों को मिटाने और मनुष्य के कल्याण के लिए ईश्वर अवतारी चेतना के रूप में जन्म लेते हैं। ईश्वर को स्मरण करने मात्र से विपत्तियों और आपत्तियों में फंसा मनुष्य धन्य हो जाता है। भगवान श्रीराम ने महर्षि वशिष्ठ के संरक्षण में शिक्षा का दिव्य ज्ञान प्राप्त कर मार्ग में आने वाली प्रत्येक चुनौतियों को स्वीकारा। यज्ञ और धर्म की रक्षा कर आसुरी शक्तियों का विनाश किया। उन्होंने कहा मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए। प्रभु प्रदत्त अनुकंपा को लोककल्याणार्थ लगाना चाहिए। मुख्य संयोजक ओमवीर सिंह यादव, भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना के बाद आरती की। इस मौके पर शैलेंद्र यादव, सत्येंद्र चौहान, अजयपाल सिंह, जबर सिंह, राजभान सत्यवीर यादव, प्रदीप चौहान, गजेंद्र पंत, गगल मित्तल, शिव कुमार, शैलेंद्र यादव, सुमित यादव, आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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