संस, दातागंज (बदायूं) : डीजल की कीमतों में मूल्यवृद्धि का खामियाजा आम उपभोक्ता भुगत रहे है। व्यापारियों का कहना है कि मालभाड़ा बढ़ने से उत्पादों के दाम में तेजी आई है, जिससे महंगे बेचने को मजबूर हैं। आटा हो या तेल सभी के भाव बढ़ गए हैं। इससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।

अनलॉक-टू में आवागमन सुचारू हुआ है। एक-जगह से दूसरे जगह जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी आसानी से मिल जा रही है, लेकिन लगातार डीजल के दाम बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। अब महंगाई की मार झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। रसोई का बजट ही गड़बड़ाने लगा है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और गरीब तबके के लोगों पर पड़ रहा है।

प्रमुख वस्तुओं के बढ़े भाव - सरसो का तेल 95 रुपये - 120 रुपये

- मैदा 45 किग्रा कट्टा - 950 - 1000 रुपये

- चीनी 3360 रुपये क्विटल - 3480 रुपये क्विटल

- मूंग की दाल - 7500 रुपये क्विटल - 9000 रुपये क्विटल

- रिफाइंड 15 किग्रा का पीपा 1440 रुपये - 1550 रुपये

रीडर कनेक्ट :: फोटो 04 बीडीएन 19

लॉकडाउन खुलने के बाद डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी है। इसकी वजह से छोटे किराना व्यापारी को अतिरिक्त मार झेलनी पड़ रही है।

- विपिन गुप्ता, किराना व्यापारी

फोटो 04 बीडीएन 20

डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से मालभाड़ा भी बढ़ गया है। ज्यादा रेट तो नहीं बढ़ाए हैं। माल जितने में आ रहा है उसमें न्यूनतम मुनाफा ले रहे हैं।

- ऋषभ गुप्ता, किराना व्यापारी फोटो 04 बीडीएन 21

किराना की दुकान पर अधिकांश वस्तुओं के रेट बढ़ गए है। दुकानदार इसका कारण डीजल के दाम बढ़ने से मालभाड़े में तेजी आना बता रहे हैं।

- सोनू सिंह, उपभोक्ता फोटो 04 बीडीएन 22

डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमत का नुकसान दुकानदार झेल रहे हैं। प्रशासन की निगाह भी है, इसलिए न्यूनतम मुनाफे पर काम कर रहे हैं। अभी तक कोई दाम नहीं बढ़ाएं हैं।

- मोनू गुप्ता, किराना व्यापारी

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