रोहिलखंड का 'मिनी कुंभ' इस बार दिखेगा नए रंग में: धूल-जाम से मिलेगी मुक्ति, ऊंचा-नीचा नहीं होगा घाट
इस बार ककोड़ा मेला में श्रद्धालुओं को जाम और धूल की समस्या से निजात मिलेगी। जिला प्रशासन सड़कों को चौड़ा ...और पढ़ें

ककोड़ा मेला
HighLights
दो चार दिन में शुरू हो जाएंगीं सड़कें बनना, जेसीबी लगाकर समतल कराए जाएंगें खेत
जागरण संवाददाता, बदायूं। गंगा किनारे लगने वाला रोहिलखंड का मिनी कुंभ यानी ककोड़ा मेला अबकी बार नए रंग में दिखेगा। हर साल जाम और धूल के लिए बदनाम रहने वाले इस मेले की तस्वीर इस बार बदलने वाली है। जिला प्रशासन ने तय किया है कि मेले में न जाम लगेगा और न ही श्रद्धालुओं को ज्यादा दिक्कत होगी। इससे जिला प्रशासन और इंजीनियर लगातार मेले की व्यवस्थाओं में लगे हैं।
यह ककोड़ा मेला देशभर में प्रसिद्ध है। यहां एक-एक दिन में लाखों लोग इधर से उधर हो जाते हैं। मेले में बदायूं ही नहीं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद तक से दुकानदार व श्रद्धालु पहुंचते हैं।
कोई घूमने आता है, तो कोई गंगा में डुबकी लगाकर मनौती मांगने आता है लेकिन मेला शुरू होते ही एक ही शिकायत आम रहती है कि यहां सड़क पर लंबा जाम और उसमें फंसे वाहन व उड़ती धूल ही दिखाई देती है लेकिन इस बार इन शिकायतों को खत्म करने की तैयारी है।
जिला प्रशासन और इंजीनियरों की टीम रोजाना ककोड़ा पहुंच रही है। नक्शा बिछाकर देखा जा रहा है कि कहां सड़क कितनी चौड़ी होगी। मुख्य सड़क से लेकर मेले के अंदर तक पूरे रास्ते को चौड़ा किया जाएगा। जेसीबी लगाकर मिट्टी समतल कराई जाएगी।
योजना यह है कि मेले की सीमा शुरू होते ही बड़ा बस अड्डा बनाया जाए। रोडवेज बसें और प्राइवेट गाड़ियां वहीं रुकेंगी। अंदर जाने के लिए भी चाैड़ा रास्ता बनेगा। साथ ही पांच-छह बड़ी पार्किंग बनाई जा रही हैं, जिससे कोई भी गाड़ी इधर-उधर खड़ी न हो।
ऊंचा-नींचा नहीं होगा गंगा घाट, निर्मल होगा जल
इस बार ककोड़ा मेला में गंगा घाट भी कोई ज्यादा ऊंचे नीचे नहीं होंगे और न ही गंगा घाट पर कोई ज्यादा रेत है। गंगा घाट पर जाने के लिए कोई लोगों को रेत से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
इस बार गंगा का जल भी बड़ा निर्मल मिलेगा। इस समय गंगा का जल काफी साफ है। कोई गंदा जल नहीं है। इससे श्रद्धालुओं को काफी अच्छा महसूस होगा।
माह के अंत में होगी सभी अधिकारियों की बैठक
मिनी कुंभ ककोड़ा मेला की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। माह के अंत में सभी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हालांकि जिला पंचायत के अधिकारी व कर्मचारी अभी से तैयारियों में लगे हैं। कितने ब्लाक बनेंगे, कितने डेरे लगेंगे और रोशनी से लेकर सभी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं।
ककोड़ा मेला की तैयारियां लगातार चल रही हैं। माह के अंत में या नवंबर की शुरूआत में एक बड़ी बैठक आयोजित होगी। उसमें कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा होगी। इस बार मेले का भव्य आयोजन करने की तैयारी है।
- मानवेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन
यह भी पढ़ें- मिनी कुंभ ककोड़ा मेला: 17 नवंबर से सजेगा तंबुओं का शहर, मथुरा की रासलीला और कठपुतली शो बनेंगे मुख्य आकर्षण
