विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रुहेलखंड के 'मिनी कुंभ' ककोड़ा मेले की तारीख तय: 525 हैंडपंप, CCTV और घुड़सवार पुलिस संग ऐसी होंगी भव्य तैयारियां!

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:18 PM (IST)

बदायूं में रुहेलखंड के 'मिनी कुंभ' ककोड़ा मेले की तैयारियां जोरों पर हैं, जो 17 नवंबर से शुरू होकर 24 ...और पढ़ें

ककोड़ा मेला

ककोड़ा मेला

HighLights

  1. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, सीसीटीवी और पुलिस बल से लैस होगी सुरक्षा

  2. शुद्ध पेयजल और स्वच्छता पर जोर, 525 हैंडपंप और मोबाइल टायलेट लगेंगे

जागरण संवाददाता, बदायूं। ककोड़ा मेला को भव्य और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सीडीओ गामिनी सिंगला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली और परिवहन व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इस बार मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

रुहेलखंड क्षेत्र के मिनी कुंभ नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा की तारीखें तय होते ही गंगा तट पर रौनक लौटने लगी है। आगामी 17 नवंबर को पारंपरिक झंडी पूजन के साथ आयोजनों की औपचारिक शुरुआत होगी, जबकि 23 नवंबर को मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा।

वहीं, आस्था का महापर्व कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 24 नवंबर को संपन्न होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मंगलावार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में सीडीओ गामिनी सिंगला ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मेले तक पहुंचने वाले सभी खस्ताहाल मार्गों और गड्ढों को लोक निर्माण विभाग प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराएगा, ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और सुगम हो सके।

सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस और जिला पंचायत को संयुक्त रूप से क्षेत्र का जायजा लेकर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क तैयार करने को कहा गया है, जिसका अस्थाई कोतवाली में नियंत्रण कक्ष बनेगा।

इसके अलावा, गत वर्ष की भांति इस बार भी घुड़सवार पुलिस, पीएसी बल, मोटरवोटयुक्त तैराकी दल, वाचटावर और दमकल वाहनों की चाक चौबंद व्यवस्था रहेगी।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर देते हुए मेले को पूरी तरह पालीथिन मुक्त रखने का निर्णय लिया गया है। जगह जगह मोबाइल टायलेट, वाटर टैंक और शुद्ध पेयजल के लिए 525 अस्थाई हैंडपंप लगाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सेहत का ख्याल रखते हुए पर्याप्त स्टाफ और एम्बुलेंस से लैस अस्थाई चिकित्सालय स्थापित होगा। साथ ही, धूल से राहत के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा और मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों व खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

ककोड़ा मेले में सांस्कृतिक और खेलकूद का रोमांच

श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए मेले में इस बार विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला प्रस्तुतियां, जादू और कठपुतली शो आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, युवाओं के लिए अस्थाई स्टेडियम बनाकर उसमें कबड्डी, कुश्ती, वालीबाल और दौड़ जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

पशुओं के लिए बनेंगे चिकित्सा शिविर

मेले में आने वाले पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पर्याप्त स्टाफ और जीवन रक्षक औषधियों के साथ एक अस्थाई पशु चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा, ताकि मवेशियों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

यह भी पढ़ें- बदायूंवासियों के लिए खुशखबरी: 10 जर्जर सड़कें जल्द होंगी चकाचक, PWD ने जारी किए ₹1.96 करोड़