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यूपी के इस जिले में गर्मी के अलावा बिजली ने लोगों के छुड़ाए पसीने, सीधे 14-14 घंंटे की हो रही कटौती

सुबह की कटौती ने तो गहरी नींद में सो रहे लोग बिस्तर में ही पसीने से भिगो दिया। बाहर निकलने पर भी चैन नहीं था। सुबह को पानी की अधिक आवश्यकता रहती है तो बिजली के न होने के कारण लोग दिनचर्या के कार्यों को समय से पूरा नहीं कर सके। उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह कटौती किए जाने से पूरी व्यवस्था ध्वस्त है।

By Kamlesh Kumar Sharma Edited By: Mohammed Ammar Tue, 18 Jun 2024 05:21 PM (IST)
पटरी से उतरी बिजली, कटौती से नींद हराम

जागरण संवाददाता, बदायूं : एक तरफ आकाश से आग बरस रही है और दूसरी ओर बिजली व्यवस्था तरह फेल हो चुकी है। शहर में बिजली के आने-जाने का अब कोई टाइम निश्चित नहीं रहा है। रात में पहले ट्रिपिंग होती रही, आधी रात के बाद लो वोल्टेज की समस्या ने नींद उड़ा दी।

पंखे और कूलर चलने के नाम पर सिर्फ डाेल रहे थे। मंगलवार सुबह पांच से आठ बजे तक हुई कटौती ने बिस्तर पर ही लोगों को पसीना-पसीना कर दिया है। बिजली सुचारू हुई तब आधे घंटे बाद फिर गायब हो गई। जिससे पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा।

गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को 24 घंटे सप्लाई दिए जाने के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं। यह भी निर्देश है कि यदि कहीं पर भी कोई तकनीकी कमी आए तो उसे तत्काल दूर किया जाए। इसके बावजूद शहर समेत जिलेभर में बिजली की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। हालत यह है कि लोगों की नींद नहीं पूरी हो पा रही है।

सुबह की कटौती ने तो गहरी नींद में सो रहे लोग बिस्तर में ही पसीने से भिगो दिया। बाहर निकलने पर भी चैन नहीं था। सुबह को पानी की अधिक आवश्यकता रहती है तो बिजली के न होने के कारण लोग दिनचर्या के कार्यों को समय से पूरा नहीं कर सके। उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह कटौती किए जाने से पूरी व्यवस्था ध्वस्त है।

अंधाधुंध कटौती के बावजूद सत्ता पर से जुड़े नेताओं पर भी कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कटौती बंद करने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। बिजली की लगातार हो रही कटौती से लोगों में काफी नाराजगी भी है। अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार का कहना है कि गर्मी अधिक है, अधिकतम सप्लाई देने की कोशिश की जा रही है। ट्रांसफार्मर भी हीट हो जा रहे हैं, उन्हें बचाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

बिजली से चलने उपकरण बने शो पीस

बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण कूलर पंखे और एक आदि भी उपकरण शो पीस बनकर रह गए हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने बिजली के उपकरण खरीदे हैं, लेकिन कटौती होने से वह सब शोपीस बन गए हैं।

बच्चे और महिलाएं अधिक दुखी

वैसे तो बिजी कटौती से आम व्यक्ति परेशान है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है क्योंकि घर में ही कैद रहकर गर्मी से हलकान हो रहे हैं। बिना बिजली के घरेलू कार्य की प्रभावित हो रहे हैं जिसकी वजह से महिलाओं को और भी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।