बदायूं : स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पद्माकर ¨सह ने कहा कि बदायूं के चार ब्लाकों जगत, समरेर, दातागंज व सालारपुर में बुखार का प्रकोप फैला है। जिले में अभी तक 56 लोगों की मौत हुई है। इनमें 16 बुखार से तो बाकी के 40 मरीज अन्य बीमारियों पीलिया, टीबी, खून की कमी समेत पेट के विकारों से मरे हैं। डीजी ने माना कि बदायूं में फैले बुखार की रिपोर्ट शासन तक देरी से पहुंची और यहां के अधिकारी मामले को दबाए बैठे रहे। यही वजह थी कि सीएमओ रहे डॉ. आशाराम को निलंबित किया गया। डीजी हेल्थ बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे सीएमओ आफिस पहुंचे। यहां अधीनस्थों की बैठक लेकर जिलेभर में बुखार और अभी तक की कार्रवाई की जानकारी ली। लगभग एक घंटे बैठक लेने के बाद मीडिया से रूबरू हुए। कहा कि अभी तक 8,333 मरीज बुखार के मिले हैं। इनमें तीन हजार 739 मरीजों की स्लाइड बनाई गई है। 127 गांवों में मलेरिया टीम ने छिड़काव किया है। जबकि 44 गांवों में लार्वा भी नष्ट हुआ है। 27 गांव ही वायरस की जकड़ में आए हैं। कहा कि 46 टीमें बुखार को नियंत्रित करने में लगी हैं। इनमें चार टीमें लखनऊ और एक टीम केंद्र की ओर से भेजी गई है। 10 लाख रुपये की अतिरिक्त दवा खरीदकर बदायूं को भेजी गई है।

यहां चुप्पी साध गए डीजी

- बुखार से महज 16 मौतें और बाकी की 40 मौतें अन्य बीमारियों से होने की किस आधार पर पुष्टि के सवाल पर डीजी ने कहा कि मरने वालों के यहां शासन की टीम पहुंची थी। उनके इलाज से जुड़े दस्तावेजों की हिस्ट्री जुटाकर यह पुष्टि हुई है। सभी को बुखार नहीं था। अब तक 164 मौतों के सवाल पर डीजी चुप्पी साध गए। दवाओं का इंतजाम पूरा

डीजी ने यह भी कहा कि दवा की किसी स्तर पर कमी नहीं होने दी जाएगी। मरीजों को जितनी दवा चाहिए, उतनी मिलेगी। शासनस्तर से मलेरिया, वायरल समेत टाइफाइड की दवा और जांच किटें पर्याप्त मात्रा में भेजी गई हैं। कमी होगी तो और भेजी जाएंगी। जो दवाएं जिला अस्पताल ने मेडिकल कालेज व महिला अस्पताल से उधार ली हैं, वह भी लौटाई जाएंगी।

Posted By: Jagran