जेएनएन, बदायूं : कोरोना वायरस से निपटने को जुटे स्वास्थ्य विभाग ने अब मलेरिया से भी जंग लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। मलेरिया विभाग ने मलेरिया प्रभावित ब्लॉकों को 8000 आरडीसी किट दी हैं तो सभी सीएचसी और पीएचसी पर मलेरिया वार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इसके साथ ही विभाग के पास हाइड्रोक्सीक्लोरोविन भी भरपूर मात्रा में मौजूद हैं। विभागीय अधिकारियों ने डेढ़ लाख टेबलेट होने का दावा किया है तो 50 हजार आरडीसी किट की डिमांड भी की गई है।

जून का महीना शुरू होते ही हर साल मलेरिया का प्रकोप यहां बढ़ता था। मलेरिया और बुखार से हर साल करीब सौ से ज्यादा लोगों की जान जाती थी तो तमाम लोग बीमारी से जूझते थे। हर बार मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग के दावे ऐन वक्त पर हवा-हवाई साबित होते थे। इस बार मलेरिया का प्रकोप रोकने के लिए मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही इंतजाम पूरे कर लिए हैं। वजह है कि कोरोना संक्रमण की वजह से शहर से लेकर देहात तक पहले ही फागिग और सैनिटाइजेशन किया जा चुका है ऐसे में मच्छर जनित बीमारियों के पनपने की आशंका काफी कम है। इसके साथ ही कोरोना से लड़ते हुए कहीं मलेरिया का प्रकोप भी शुरू न हो जाए तो सभी मलेरिया प्रभावित इलाकों में पहले से ही इंतजाम दुरुस्त कर दिए गए हैं। अब तक सभी ब्लॉकों मे आरडीसी किट भेजते हुए संदिग्धों की जांच करने को कहा है तो कोई भी मलेरिया पॉजिटिव आने पर उसको संबंधित पीएचसी या सीएचसी पर भर्ती कर वहां इलाज की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनको शासन से जल्द ही 50 हजार किटें और मिल जाएंगी। इसके अलावा जुलाई तक वह इसपर पूरी तरह से काबू पा लेंगे।

वर्जन ..

मलेरिया से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त इंतजाम हैं। मलेरिया प्रभावित ब्लॉकों को आठ हजार आरडीसी किट दी जा चुकी हैं। जल्द ही पचास हजार किट और मिलने वाली हैं। हाइड्रोक्सी क्लोरोविन टेबलेट भी करीब डेढ़ लाख मौजूद हैं।

- डॉ. हरदत्त कुमार, प्रभारी मलेरिया अधिकारी

Posted By: Jagran

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