बदयूं : मजहब-ए-इस्लाम के रहमतों और बरकतों के महीने रमजान मुबारक की आमद पर बाजार गुलजार हो गए हैं। दुकानें सजी हुई हैं खान-पान की दुकानें फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। मुस्लिम समाज के घरों में रमजान की तैयारी जोरों पर दिखाई पड़ी। माहे रम•ान के आते ही मुस्लिम लोग रम•ान शरीफ की इबादत की तैयारी में जुट गए हैं। बाजारों में सजी खानपान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ भाड़ दिखाई दे रही है। महंगाई के चलते लोग खरीदारी करने में सोच विचार भी करते न•ार आ रहें हैं। रोजा इफ्तार करने में अरब देश का फल खजूर व फलों का इस्तेमाल करना जरुरी है। मगर फलों पर इतनी महंगाई है कि लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या फल खरीदें। सेब 100 रुपये किलो से 200 रुपये किलो, अंगूर 80 से 120 रुपये किलो, अनार 70 से 100 रुपये किलो, आम 50 से 100 रुपये किलो, नासपाती 70 से 90 रुपये किलो, तरबूज 20 से 30 रुपये किलो, खरबूजा 30 से 50 रुपये किलो, केला 40 रुपये दर्जन से 60 रुपये दर्जन और तो और खजूर के भाव का तो कोई पता ही लगाना मुश्किल सा है। सबसे घटिया खजूर 100 रुपये किलो बाजार में बिक रही है जबकि बढि़या खजूर 400 रुपये किलो से शुरु होकर 1500 रुपये किलो तक की मिल रही है। इसके बावजूद रोजेदारों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। चांद का हुआ दीदार, एक-दूसरे को दी गई मुबारकबाद

संसू, सैदपुर : माहे रमजान का चांद होते ही लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद पेश की। मंगलवार को पहला रोजा होगा। सहेरी को लेकर लोगों ने खरीदारी की जबकि दूध की किल्लत बनी। वहीं मस्जिदों में तराबीह शुरू हुई। माहे रमजान बडी़ ही अजमत व बरकत का महीना है। इस माह में रोजो के साथ लोग इबादत में मशगूल रहते हैं।

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Posted By: Jagran