बदायूं में गंगा का भयानक रूप: नदी में समाया पूरा स्कूल, 200 बीघा जमीन गर्क; दहशत में कई गांव
बदायूं के उसहैत में गंगा नदी के तेज कटान से कदम नगला का प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह नदी में समा ...और पढ़ें

सहसवान क्षेत्र में गंगा महावा बांध से सट कर बहता बाढ़ का पानी। जागरण
HighLights
नरौरा बैराज से गंगा में लगातार छोड़ा जा रहा है पानी, प्रभावित ग्रामीणों को राहत नहीं
संवाद सहयोगी, सहसवान/उसहैत (बदायूं)। गंगा में आई बाढ़ का प्रकोप जिले भर में बना हुआ है। नदी के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव बना हुआ है। इसके चलते उसहैत क्षेत्र में गंगा की लहरें कटान के रुप में जमकर कहर बरपा रही हैं। कदम नगला गांव का प्राथमिक विद्यालय अब पूरी तरह लहरों का निवाला बन चुका है।
अब पंचायत घर कटान के निशाने पर आ गया है। पिछले 24 घंटे में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि कट कर गंगा में समा चुकी है। इसके साथ ही सहसवान और उसहैत क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालयों से कट चुका है और ग्रामीण नावों के माध्यम से आवागमन कर रहे हैं।

मंगलवार को नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 24 हजार 173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह सोमवार के मुकाबले करीब 30 हजार क्यूसेक कम है। कछला में मीटर गेज मंगलवार को 162.38 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि शाम को यह पांच सेमी घट कर 162.33 मीटर पर आ गया लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को इससे कोई राहत नहीं मिली है और हालात जस के तस बने हुए हैं।
सहसवान क्षेत्र में वीर सहाय नगला, भमरौलिया, तौफी नगला, खागी नगला, तेलिया नगला आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सहसवान में एसडीएम गौरव आर्या के नेतृत्व में तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर हालातों पर निगाह रखे हुए हैं। बाढ़ खंड के जेई रामौतार आर्य ने बताया कि अभी खतरे जैसे कोई हालात नहीं हैं। गंगा महावा बांध और तटबंधों को कोई खतरा नहीं है।
24 घंटे में करीब दो सौ बीघा जमीन गंगा नदी में समा चुकी
गंगा नदी में जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बाद अब पानी कम होना शुरू हो गया है। कटान तेज होने से कदम नगला गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का 90 प्रतिशत भाग कटान से नदी में समा गया है और पंचायत भवन भी कटान की जद में आ गया है। पिछले 24 घंटे में करीब दो सौ बीघा जमीन गंगा नदी में समा चुकी है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेन्द्र श्रीवास्तव ने दातागंज एसडीएम विनोद कुमार सिंह के साथ जटा, प्रेमी नगला, रैपुरा, कदम नगला, दलनगला का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्कता के निर्देश दिए। दातागंज उपजिलाधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि तीन मोटर बोट लगातार चलाये जा रहे हैं और छह गोताखोरों को तैनात कर दिया गया है।

उपजिलाधिकारी ने उसावां सीएचसी पर तैनात चिकित्साधीक्षक को ग्रामीणों की खून की जांच, टीकाकरण करने तथा औषधि वितरण के निर्देश जारी किए हैं। पशु चिकित्सा प्रभारी को पशुओं की जांच कर टीकाकरण करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा हेतु राजस्व टीमों को लगाया गया है जो लगातार रिपोर्ट भेज रहीं हैं।
क़दम नगला पर कटान वाले स्थान पर न जाने के लिए ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। उसावां के खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रकाश तिवारी ने बताया कि विशेष परिस्थिति को देखते हुए पूर्व माध्यमिक विद्यालय का सामान एवं छात्र छात्राओं को प्राथमिक विद्यालय दलनगला में शिफ्ट कर दिया गया है।

प्रधानाध्यापक को सभी छात्र- छात्राओं को विद्यालय की इमारत में न घुसने देने को कहा है। गंगा पार के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। इस पार के अहमदनगर बछौरा, भखरी, बेहटी और असमयारफतपुर गांवों के खेतिहर इलाके में पानी भरा हुआ है। अहमद नगर बछौरा के स्कूल पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। इस स्कूल के बच्चों को पहले ही दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया जा चुका है।
जलस्तर लगातार बढ़े होने से जटा जाने वाली पुलिया के ऊपर दो-दो फीट पानी बह रहा है। इससे जटा, प्रेमी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, रैपुरा, तथा कदम नगला को जाने वाला मार्ग भी बंद है। लेखपाल राकेश कुमार सिंह, अखिल प्रताप सिंह तथा रामप्रताप सिंह बाढ़ चौकी अटेना पर तैनात रह कर बाढ़ प्रभावित लोगों का सहयोग कर रहे हैं।
रामगंगा के कटान ने जरतोली के प्राथमिक विद्यालय के कमरे की दीवार गंगा में बही
ब्लाक म्याऊं क्षेत्र के ग्राम जरतोली में रामगंगा नदी का कटान एक बार फिर ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। मंगलवार को कटान की चपेट में आकर प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे की दीवार नदी में बह गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने विद्यालय की स्थिति का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा लगातार विद्यालय के आसपास कटान कर रही है, जिससे स्कूल भवन पर खतरा बढ़ता जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो विद्यालय का अन्य हिस्सा भी नदी में समा सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय भवन और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। कटान के कारण पहले भी क्षेत्र में कई स्थानों पर जमीन नदी में समा चुकी है। मंगलवार की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
