बदायूं में लगने जा रही 'नोटों की मशीन'! गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे 269 एकड़ में मचेगी औद्योगिक हलचल
गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में औद्योगिक विकास को गति दे रहा है, जहाँ घटपुरी इंटरचेंज के पास 269 एकड़ में आईएमएलसी ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेस वे गुजरते वाहन। जागरण
HighLights
घटपुरी इंटरचेंज के पास 269 एकड़ में विकसित होगा आईएमएलसी, 15 निवेशकों ने दिखाई रुचि
अंकित गुप्ता, बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक कुल 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे जिले के औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। जिले से गुजर रहे करीब 92 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे को स्थानीय लोग 92 किमी तक अलग अलग अवसर के रूप में देखने लगे हैं। खासतौर पर औद्योगिक, वाणिज्यिक और लाजिस्टिक गतिविधियों को लेकर जमीन पर हलचल तेज हो गई है।
घटपुरी इंटरचेंज के पास 269 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक, वाणिज्यिक और लाजिस्टिक केंद्र (आइएमएलसी) निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। अब तक 15 निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखाई है।स्थानीय स्तर पर भी किसानों और उद्यमियों ने अपनी जमीनों पर कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस बनाने की योजना शुरू कर दी है।
एक कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पूरा भी हो चुका है, जो इस क्षेत्र में संभावनाओं की पहली झलक है। वहीं दातागंज के डहरपुर के पास भी एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, इससे एक पिछड़े हुए क्षेत्र को आने वाले समय विकसित होने के लिए में नए अवसर मिलने वाले हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे जिले के 85 ग्राम पंचायतों व उनके मजरों समेत कुल 195 गांवों को जोड़ते हुए बिसौली, सदर और दातागंज तहसीलों के 92 किमी क्षेत्र में विकास का नया गलियारा तैयार कर रहा है। वजीरगंज, बिनावर और पापड़ के पास बने इंटरचेंज स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।
दातागंज क्षेत्र में पापड़ के समीप 300 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा इस बदलाव का मुख्य केंद्र होगा, जहां देश-विदेश की कंपनियों के आने की संभावना जताई जा रही है।
यदि जिला स्तर पर सही योजना और नीति के तहत काम हुआ, तो बदायूं न केवल एक ट्रांजिट प्वाइंट बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक हब के रूप में भी उभर सकता है। गंगा एक्सप्रेस-वे अब केवल एक सड़क नहीं, बल्कि जिले के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
लाजिस्टिक्स और वेय रहाउसिंग बनेगी रोजगार का आधार
एक्सप्रेस-वे के किनारे बड़े वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होने से ट्रांसपोर्ट, लोडिंग-अनलोडिंग, मेंटेनेंस और सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
कृषि से उद्योग की ओर बढ़ता कदम
किसानों के लिए भी यह एक्सप्रेस-वे नई संभावनाएं लेकर आया है। खेती के साथ-साथ जमीन का उपयोग कोल्ड स्टोरेज, मंडी और गोदाम के रूप में किया जा सकेगा, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़ेंगे।
एक्सप्रेस-वे पर एआई तकनीक से रखी जाएगी नजर
गंगा एक्सप्रेस-वे की विशेषता इसकी आधुनिक एआई तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था भी है। हर किलोमीटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे और 14449 टोल फ्री हेल्पलाइन यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का भरोसा देंगे। इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रा समय 12 घंटे से घटकर लगभग 6-7 घंटे रह जाएगा।
