बदायूं : साक्षरता सप्ताह के अंतर्गत राजकीय महिला महाविद्यालय में वाद - विवाद प्रतियोगिता कराई गई। छात्राओं ने भारतीय संस्कृति को पुर्नजीवित रखने में सोशल मीडिया का प्रभाव विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। पक्ष में 18 और विपक्ष में 8 छात्राओं ने विचार रखे। निर्णायक मंडल में बरेली कॉलेज बरेली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीके वर्मा व दास कॉलेज के डॉ. आशीष कुमार रहे। प्रतियोगिता से पहले ही कार्यक्रम संयोजक डॉ. अंबा प्रसाद गंगवार ने प्रतियोगिता के नियमों को बताया और बारी-बारी से प्रतिभागियों को मंच पर बुलाया। प्रतिभागियों ने संस्कृति को बचाने में व लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया को सराहा। बताया कि विश्व में कहीं कोई घटना घटित होती है या कैसी भी जानकारी हो सोशल मीडिया से आसानी से मिल जाती है। जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी प्रकार सोशल की मीडिया के भी दो पहलू हैं। सही प्रकार से उपयोग किया तो बहुत से जानकारी मिल जाती है अन्यथा दुष्परिणाम बहुत घातक हो सकते हैं। बीएससी की मनीषा मिश्रा को पहला, बीए तृतीय वर्ष की नैना वाष्र्णेय को दूसरा, बीए तृतीय वर्ष की माहम जावेद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। विजयी छात्राओं को पुरस्कृत किया गया और प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वंदना और डॉ. भगवान ¨सह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. मनोज शर्मा, मनीषा भूषण, रोहित बाबू, प्रेमराज आदि का सहयोग रहा।

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