बदायूं : बगैर लाइसेंस बनवाए करोड़ों की आतिशबाजी शहर के भीतर रखने वाले कारोबारियों में छापेमारी से खलबली मच गई है। करोड़ों का माल पकड़े जाने के डर से कारोबारियों ने आतिशबाजी को ठिकाने लगा दिया है।

किसी ने परिचित के यहां जखीरा रखा तो कहीं दुकानों के तहखानों में माल छिपा रहा है। इधर, पुलिस का कहना है कि आतिशबाजी जहां भी पकड़ी जाएगी, उसी व्यक्ति की मानी जाएगी और मुकदमा लिखा जाएगा। यदि जांच में लाइसेंस आवेदक की आतिशबाजी होने की बात सामने आती है, तब भी उसे रखने वाले का नाम मुकदमे में शामिल किया जाएगा।

शहर के करीब गांव रसूलपुर में विस्फोट में आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने आतिशबाजों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो। इसके लिए पुराने अस्थाई लाइसेंस धारकों की सूची निकलवाकर पुलिस छापेमारी कर रही है। शनिवार को तीन बड़े गोदाम सील किए गए थे। वहीं अन्य आतिशबाजी विक्रेताओं के नाम पते तलाशकर उनके यहां छापेमारी की रणनीति बनाई गई है। क्योंकि किसी विक्रेता के पास लाइसेंस नहीं है। जबकि अवैध आतिशबाजी से पूरा शहर पट चुका है। प्रशासन का अभियान देख इन विक्रेताओं ने अब रिश्तेदारों से लेकर परिचितों के यहां यह माल छिपा दिया है। वर्जन

आतिशबाजी कहां-कहां छिपाई गई है इसकी जानकारी मंगवाई जा रही है। जिसके घर से भी यह बारूद बरामद होगा, उसी का मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। जांच में आतिशबाज की बारूद निकली तो भी उसे रखने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

- राघवेंद्र ¨सह, सीओ सिटी

Posted By: Jagran

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