जागरण संवाददाता, बदायूं : जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने से भाजपाइयों में खासा जोश है। वजह है कि इससे पहले कभी भी भाजपा का कोई प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर काबिज नहीं रहा। इस सीट पर कांग्रेस से प्रेमलता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं तो उसके बाद चौधरी राजेश्वर सिंह यादव का परिवार काबिज रहा। कई साल तक चौधरी राजेश्वर सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष रहे तो उनकी पुत्रवधू चेतना सिंह यादव भी समाजवादी पार्टी से कई साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर रहीं। वर्ष 2007 में जब बसपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई तो पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव की पत्नी पूनम यादव यहां से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। सपा सरकार आने पर यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई तो सपा के पूर्व विधायक आशुतोष मौर्या की बहन मधु चंद्रा यहां जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं। इस बीच भाजपा का कोई अध्यक्ष इस पद पर नहीं रहा। अब भाजपा ने यहां अविश्वास प्रस्ताव लाकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सत्ता का अध्यक्ष बनाए जाने की उम्मीद जता दी है। पहली बार भाजपा की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया पूरी होने पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य का राजनैतिक कद और बढ़ गया है। इंसेट ..

करीब साल भर पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूर्व विधायक योगेंद्र सागर की पत्नी जिला पंचायत सदस्य प्रीति सागर ने शुरू की। जिला पंचायत सदस्यों के शपथ पत्र दाखिल किए थे, जिनपर सुनवाई होने से पहले ही सदस्यों की संख्या कम निकली तो सुनवाई की तारीख मुकर्रर नही हो सकी। पंचायती राज विभाग के एक्ट के तहत अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद छह महीने तक सुनवाई की दूसरी तारीख नहीं मिल सकती इसलिए यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पहुंच गई। यह रहे मौजूद

अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया के दौरान नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता, सांसद संघमित्रा मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री बीएल वर्मा, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, बिसौली विधायक कुशाग्र सागर, पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, युवा नेता विश्वजीत गुप्ता, जिला महामंत्री सुधीर श्रीवास्तव, पंडित शारदाकांत, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सीमा राठौर, ब्लॉक प्रमुख अशोक वर्मा, सुमिता वाष्र्णेय, जिला मंत्री अंकित मौर्या आदि मौजूद रहे। इन सदस्यों ने जताया विरोध

जिला पंचायत सदस्य कुंवर महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े सभी नौ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध जताया। जिनमें कैप्टन अर्जुन प्रताप सिंह, सुरेंद्र यादव, किरण देवी मौर्या, विनीता पटेल, मधु कश्यप, शांति देवी, अनुराधा यादव शामिल रहे।

यह मौजूद रहे प्रशासनिक अफसर

एडीएम प्रशासन राम निवास शर्मा, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, एएमए सीपी सिंह राघव, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी विनय द्विवेदी, सीओ उझानी सर्वेंद्र सिंह के अलावा करीब पांच थानों के प्रभारी मौजूद रहे। सबसे पहले सालारपुर ब्लॉक से भाजपा ने ढहाया था सपा का किला

बदायूं : सत्ता में आने के बाद ब्लॉकों में सपा के प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया भाजपा ने सालारपुर ब्लॉक से शुरू की। सपा की ब्लॉक प्रमुख गेंदा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर भाजपा के अशोक वर्मा ब्लॉक प्रमुख पद पर काबिज हुए। सालारपुर में भी लंबे अर्से बाद भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल की। फिलहाल उझानी ब्लॉक पर अविश्वास प्रस्ताव की कवायद भी चल रही है। ब्लॉक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव पर आपत्ति दाखिल कर हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे। सोमवार को उस पर सुनवाई हुई जो खारिज कर दी गई। अब मंगलवार यानि आज वहां अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया ब्लॉक में पूरी की जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव के लिए एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य को मजिस्ट्रेट नामित किया गया है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप