बदायूं में 4 बच्चों को जन्म देने के बाद मां की मौत, एक नवजात ने भी तोड़ा दम; 3 बच्चे अस्पताल में भर्ती
बदायूं में चार बच्चों को जन्म देने के बाद मां और एक नवजात की मृत्यु हो गई, जिससे परिवार में ...और पढ़ें

मृतका एकता सागर की फाइल फोटो
HighLights
तीन बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार में चिंता, महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती
जागरण संवाददाता, बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव करौलिया में खुशी का माहौल एक ही रात में मातम में बदल गया। चार बच्चों को एक साथ जन्म देने वाली 28 वर्षीय प्रसूता की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। वहीं जन्म लेने वाले चार नवजात में से एक बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। तीन नवजात सुरक्षित हैं, लेकिन मां की मृत्यु के बाद उनके पालन-पोषण को लेकर परिवार में गहरा संकट खड़ा हो गया है।
गांव करौलिया निवासी रामबाबू की शादी पांच वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के ही गांव टिकरा निवासी एकता सागर के साथ हुई थी। स्वजन के अनुसार, शादी के बाद से ही दंपती को संतान सुख नहीं मिल पा रहा था।
करीब दो वर्ष पहले भी एकता ने ऑपरेशन के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन कुछ कारणों से उसकी भी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से परिवार दूसरी संतान का इंतजार कर रहा था।
मंगलवार सुबह एकता को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। स्वजन आनन-फानन में उसे शहर के सुधीर नर्सिंग होम ले गए। वहां जांच के बाद डाॅक्टर ने बताया कि गर्भ में चार बच्चे हैं और तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा।
फिर डाॅक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया और एकता ने चार बच्चों को जन्म दिया। डाॅक्टरों के मुताबिक, चार में से तीन बच्चे स्वस्थ थे, लेकिन एक नवजात बच्ची बेहद कमजोर थी, जिसने जन्म के कुछ ही देर बाद दम तोड़ दिया।
ऑपरेशन के बाद शुरू में एकता की हालत ठीक बताई जा रही थी, लेकिन मंगलवार शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। ब्लीडिंग हाेने लगी और सांस लेने में दिक्कत होने पर निजी अस्पताल के डाॅक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
स्वजन उसे तत्काल बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन बुधवार सुबह करीब छह बजे उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।