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मूसलधार बारिश में कागजों पर दौड़ गए 253 मजदूर! बदायूं में वीबी-जी रामजी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:55 PM (IST)

बदायूं में वीबी-जी रामजी योजना के तहत मूसलाधार बारिश के दौरान 7 गांवों में 253 मजदूरों को कागजों पर काम ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बदायूं में वीबी-जी रामजी योजना में सात गांवों में दर्शाए 76 हजार रुपये के कार्य

  2. वर्षा के कारण लोग घरों में बंद, पोर्टल पर अपलोड किए जाते रहे फर्जी निर्माण

अंकित गुप्ता, बदायूं। शनिवार की मूसलधार वर्षा में चौखट से बाहर कदम रखना कठिन था, कामकाज तो दूर की बात...। कच्चे घरों की दीवारें संभालने की चुनौती थी, नया निर्माण तो असंभव...। इस मौसम में भी वीबी-जी रामजी योजना में फर्जीवाड़ा कर दिया गया। सुबह से शाम तक सात गांवों में निर्माण कार्य दर्शाते हुए 253 मजदूरों की उपस्थिति दर्शा दी गई।

इनकी मजदूरी के नाम पर 75900 हड़पे जाते, इससे पहले पोल खुल गई। रविवार को जागरण टीम इन गांवों में पहुंची तो ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य तो दूर की बात, एक मजदूर तक नहीं आया।

वर्षा की आड़ में किसने मजदूरी घोटाले का प्रयास किया, सीडीओ गामिनी सिंगला जांच कराएंगी। शुक्रवार शाम से हो रही वर्षा रविवार को भी जारी रही। प्रशासन अलर्ट जारी कर चुका कि घरों से बाहर न निकलें।

इससे इतर, भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका (वीबी-जी रामजी) योजना में सरकारी रकम ठिकाने लगाए जाने की तैयारी की जाती रही। शनिवार सुबह से शाम तक योजना के पोर्टल पर 253 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई गई।

दैनिक जागरण ने रविवार को पोर्टल पर ब्योरा देखा, जो अचंभित करने वाला था। भीषण वर्षा में काम कैसे हुआ होगा, इसका सच जानने के लिए टीम उन गांवों में पहुंची, जहां निर्माण कार्य दर्शाए गए थे।

उसावां की ग्राम पंचायत भुंडी में बांध चौकी से गंगाघाट तक संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य में 30 मजदूर, सहसवान की हसुआ नगला में मैकू के खेत से रामप्रकाश के खेत तक मिट्टी कार्य में 21 और उघैती सर्की में भगवानदास के खेत से रम्पुरिया मार्ग तक मिट्टी सड़क कार्य में 28 मजदूर दर्शाए गए।

इन गांवों के लोगों से पूछा कि क्या शनिवार को सड़क पर मिट्टी डाली गई थी ? सवाल से अचंभित ग्रामीणों ने पलटकर पूछा- क्यों मजाक कर रहे, क्या भीषण वर्षा में यहां कोई काम कराया जा सकता है।

काम तो दूर की बात, एक मजदूर तक गांव के आसपास नहीं आया। इसी तरह, कादरचौक के खिरिया बाकरपुर में 55 और सुदरयान के मजरा गंगपुर पुख्ता में कूवन वाले छोर से मंदिर तक मिट्टी कार्य में 34 मजदूरों की उपस्थिति दर्शायी गई।

सालारपुर के बिछौरिया में वीरेंद्र के खेत से हरपाल के खेत तक कच्चा नाला कार्य में 40 मजदूर दिखाए गए। आमगांव ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण में 75 मजदूर दर्शा दिए गए।

वहां के ग्रामीणों से पूछा कि शनिवार को किस सड़क पर काम हुआ, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। उन्होंने कहा कि गांव की हर गली में पानी भरा था, सीसी रोड कहां से बन जाएगी।

अब निरस्त किए जाएंगे मस्टर रोल

तेज पानी में पक्की सड़कें तक बह रहीं, ऐसे में योजना के अंतर्गत मिट्टी के कार्य होना असंभव था। गांवों में जलभराव के कारण श्रमिकों का घरों से निकलना भी आसान नहीं। इसके बाद भी अधिकतर मिट्टी के कार्य दर्शा दिए गए। मजदूरों के नाम से मस्टर रोल बनाए गए। रविवार को सच सामने आया तो अधिकारी मस्टर रोल निरस्त करने की बात कह रहे।

मनरेगा में फोटो दिखती थी, अब नहीं

मनरेगा के एनएमएमएस पोर्टल पर मजदूरों की हाजिरी के साथ मौके की फोटो और समय भी सार्वजनिक रूप से दिखाई देता था। वीबी-जी रामजी के पोर्टल पर फोटो और समय की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। यह सिर्फ अधिकारी देख सकते हैं। किस गांव में काम हुए, यह पोर्टल पर सार्वजनिक रहता है।

 

वीबीजीरामजी के तहत वर्षा के दौरान काम कराए जाने की जानकारी मिली है। संबंधित अधिकारी से इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- गामिनी सिंगला, सीडीओ


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