विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

106 करोड़ मंजूर फिर भी बदहाल बदायूं बस स्टैंड; दो बार टेंडर के बाद भी नहीं आई कोई एजेंसी

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:44 PM (IST)

बदायूं रोडवेज बस स्टैंड को 106 करोड़ रुपये की मंजूरी के बावजूद बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। पीपीपी ...और पढ़ें

बदायूं बस अड्डा

बदायूं बस अड्डा

HighLights

  1. दो बार टेंडर के बावजूद नहीं आई कोई एजेंसी, पीपीपी माडल पर बनना है आधुनिक बस अड्डा

अंकित गुप्ता, बदायूं। यात्रियों की भीड़, 123 बसों का संचालन और त्योहारी सीजन में रोजाना 30 से 35 लाख रुपये की आय... इसके बावजूद बदायूं का रोडवेज बस स्टैंड अब भी बदहाली से बाहर नहीं निकल पा रहा है।

खास बात यह है कि इसके कायाकल्प के लिए सरकार 106 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुकी है, लेकिन निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई एजेंसी तैयार नहीं है। दो बार टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है और दोनों बार बदायूं के हिस्से में निराशा ही आई।

 ChatGPT Image Sep 26, 2026, 02_30_25 PM

प्रदेश के 49 रोडवेज बस स्टैंड को पीपीपी माडल पर विकसित करने की योजना में बदायूं को भी शामिल किया गया था। अप्रैल में मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुराना बस स्टैंड अब नए स्वरूप में नजर आएगा।

जून में टेंडर प्रक्रिया हुई तो प्रदेश के अन्य जिलों में एजेंसियों ने रुचि दिखाई, लेकिन बदायूं के लिए कोई प्रतिभागी सामने नहीं आया। सितंबर में दोबारा टेंडर प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक कोई बिड नहीं आने की बात कही जा रही है।

 WhatsApp Image 2026-09-25 at 6.11.07 PM

रोडवेज बस स्टैंड जिले के सार्वजनिक परिवहन की करीब 80 प्रतिशत जिम्मेदारी संभालता है। आम दिनों में यहां से रोजाना 20 से 25 लाख रुपये की आय होती है, जबकि त्योहारों पर यह आंकड़ा 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंच जाता है।

इसके बाद भी यात्रियों के लिए सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। प्रतीक्षालय के नाम पर टिनशेड है। परिसर में जलभराव और टूटा बेस यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना रहता है।

 WhatsApp Image 2026-09-25 at 6.11.06 PM

पर्याप्त जगह होने के बावजूद बसें सड़क पर खड़ी होती हैं। वर्कशाप करीब छह साल पहले दातागंज रोड पर शिफ्ट हो चुकी है। पुराना भवन अब खंडहर में बदल चुका है। रात में यहां नशेड़ियों के जमावड़े की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।

आधुनिक सुविधाओं का था प्रस्ताव

पीपीपी माडल से बनने वाले बस अड्डे में आधुनिक बस प्लेटफार्म, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विश्राम कक्ष, स्मार्ट शौचालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, कंप्यूटरीकृत टिकट काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रस्तावित है।

WhatsApp Image 2026-09-25 at 6.11.07 P

मल्टीलेवल पार्किंग, सीसीटीवी,दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, ई-रिक्शा व आटो जोन, ग्रीन एरिया, सोलर लाइटिंग और फायर सेफ्टी सिस्टम भी योजना में शामिल हैं।

एजेंसियों की दूरी ने खड़ा किया सवाल

106 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद भी एजेंसियों का आगे न आना अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है। टेंडर में भाग नहीं लेने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है।

हालांकि जिले में हाल में हुए एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट से जुड़े आपराधिक घटनाक्रम को लेकर दबी जुबान में चर्चा है कि इसी वजह से बाहरी कंपनियां बदायूं में निवेश से बच रही हैं। फिलहाल यह केवल चर्चा है और टेंडर प्रक्रिया में एजेंसियों के शामिल न होने की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

 

रोडवेज बस स्टैंड निर्माण को पीपीपी माडल के तहत बनाए जाने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके लिए 106 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। लेकिन अब तक हुई टेंडर प्रक्रिया में किसी कार्यदायी संस्था या एजेंसी ने बदायूं के लिए प्रतिभाग नहीं किया है। इसी माह फिर से टेंडर किए जा रहे हैं, हो सकता है इस बार कोई प्रतिभाग करे। इसके लिए परिवहन मंत्री खुद और स्वयं भी कंपनियों से बात कर रहे हैं।

- महेश चंद्र गुप्ता, सदर विधायक


यह भी पढ़ें- बदायूं में बिना परमिट दौड़ रहीं डग्गामार स्लीपर बसें: राम भरोसे दिल्ली-राजस्थान का सफर, स्लीपर केबिन से हो रही तस्करी!