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150 साल पुरानी रामलीला पर रिश्वत का 'अड़ंगा': बाबू ने मांगे 50 हजार, DM तक बात पहुंचते ही तुरंत जारी हुई अनुमति

Published: Sat, 03 Oct 2026 06:00 AM (IST)

बदायूं में 150 साल पुरानी रामलीला की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के एक बाबू ने 50 हजार रुपये की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दो महीने पहले किए गए आवेदन को टालता रहा बाबू, शुक्रवार को मांग ली पीडब्ल्यूडी की एनओसी

  2. एनओसी मांगने पर भड़के रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष को दी जानकारी

जागरण संवाददाता, बदायूं। शहर में करीब डेढ़ सौ वर्ष से रामलीला मंचन, राम बारात और मेले की परंपरा चली आ रही है, लेकिन इस बार आयोजन की अनुमति को लेकर बखेड़ा हो गया। अनुमति देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के एक बाबू ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली। रिश्वत न देने पर रामलीला शुरू होने से ठीक दो दिन पहले उसने पीडब्ल्यूडी से एनओसी लाने को कह दिया।

इस पर रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष को दी। उन्होंने इस पर बाबू से लेकर डीएम तक बात की और कड़ी नाराजगी जताई। डीएम के संज्ञान तक मामला पहुंचने के बाद तत्काल अनुमति दे दी गई। डीएम ने मामले में जांच भी बैठा दी है।

रामलीला कमेटी की प्रबंध समिति से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, उन्होंने दो माह पहले रामलीला कराने के लिए अनुमति मांगी थी। इसके लिए नियमानुसार आवेदन किया गया था।

बताते हैं कि पूर्व में अनुमति के नाम पर 25 हजार रुपये लिए जाते रहे। लेकिन इस बार अनुमति देने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई।

समिति पदाधिकारी ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के एक बाबू के स्तर से पीडब्ल्यूडी की एनओसी लाने को कहा गया। इससे अनुमति की प्रक्रिया और लंबी हो गई।

मामले से परेशान प्रबंध समिति के पदाधिकारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष मामले को उठाते हुए अनुमति में अनावश्यक देरी और धन मांगने पर सवाल खड़े किए।

बताया जाता है कि उन्होंने बाबू से यहां तक कहा कि यदि इतनी ही रकम चाहिए तो 50 हजार रुपये उनसे ले जाओ आकर। इसके बाद उन्होंने डीएम अवनीश राय से भी बात की।

जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि बाबू से बात करने के बाद उन्होंने डीएम से बात की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी आई और आयोजन के लिए संस्तुति करते हुए अनुमति जारी कर दी गई।

 

सिटी मजिस्ट्रेट के बाबू की ओर से रामलीला की अनुमति के लिए रुपये मांगने का मामला आज ही संज्ञान में आया है। जानकारी में आने के बाद अनुमति तो तत्काल करा दी गई है। अनुमति के लिए रुपये मांगने की जांच एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम बनाकर कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

- अवनीश राय, डीएम


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