बदायूं कांग्रेस में '12 लाख में जिलाध्यक्ष पद' के सौदे का ऑडियो वायरल, जिलाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी पर FIR
बदायूं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के लिए 12 लाख रुपये के सौदे के ऑडियो प्रसारित होने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ...और पढ़ें

अजीत यादव, जिलाध्यक्ष कांग्रेस और नवनीत यादव, मीडिया प्रभारी कांग्रेस
HighLights
वसूली, मानहानी, अपमानित करने और धमकी देने के मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी, जिलाध्यक्ष ने गलत बताए आरोप
जागरण संवाददाता, बदायूं। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष पद दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े ऑडियो प्रसारित होने के बाद अब प्राथमकी दर्ज हो गई है। इस मामले में शिकायतकर्ता सफी अहमद के शिकायती पत्र पर थाना सिविल लाइंस में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अजीत यादव और जिला मीडिया प्रभारी नवनीत यादव के खिलाफ पुलिस ने वसूली, मानहानी, अपमानित करने और धमकी देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
27 सितंबर को कांग्रेस मीडिया प्रभारी नवनीत यादव ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव द्वारा वाट्सएप पर बनाए गए मीडिया सेल कांग्रेस बदायूं नाम के ग्रुप में एक ऑडियो क्लिप डाली थी।
इस ग्रुप के एडमिन भी खुद नवनीत और जिलाध्यक्ष अजीत यादव हैं। प्रसारित ऑडियो में बातचीत कर रहे दो लोगों ने मोरपाल प्रजापति को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के द्वारा 12 लाख रुपये दिलवाए जाने की चर्चा थी।
इसमें से छह लाख रुपये प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और दो लाख रुपये एआईसीसी पर्यवेक्षक राजपाल खरोला को दिए जाने तथा शेष राशि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजने की बात कही गई थी। इसमें बताया गया था कि इसमें एक व्यक्ति युवा कांग्रेस का प्रदेश उपाध्यक्ष बदायूं निवासी शफी अहमद है।
ऑडियो प्रसारित होने के बाद जब मामला हाईकमान तक पहुंचा तो ऑडियो डिलीट कर दिए गए और इसे साजिश बताया गया। लेकिन शफी अहमद ने सिविल लाइंस थाने में अजीत यादव और नवनीत यादव के खिलाफ शिकायती पत्र दिया।
आरोप लगाया कि यह ऑडियो पार्टी के जिलाध्यक्ष अजीत यादव द्वारा प्रसारित कराकर कांग्रेस पार्टी व शीर्ष के नेताओं की बदनामी कराई गई। इसमें उनकी आवाज को फर्जी और बनावटी तरीके से जोड़ा गया है, जबकि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की।
उन्होंने बताया कि उसी दिन जब उन्होंने जिलाध्यक्ष अजीत यादव से बात कर इस फर्जी ऑडियो का विरोध किया, तो अजीत यादव ने मामला दबाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे और धमकी दी।
विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इस पर अब पुलिस ने अजीत और नवनीत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर भूप सिंह को सौंपी है।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित और झूठा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल लाइंस थाना प्रभारी हरेन्द्र सिंह, भाजपा और कुछ कांग्रेसी नेताओं ने मिलकर यह साजिश रची है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष विवेचना और प्राथमिकी रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
