बदायूं हत्याकांड: प्रधानी की रंजिश में शिशु भान की हत्या करने वाले 3 भाइयों समेत 6 दोषियों को उम्रकैद
बदायूं में प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने छह दोषियों को ...और पढ़ें

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HighLights
2014 में लाठी-डंडों से हमला कर की थी शिशु भान सिंह की हत्या, बेटे मनोज को भी किया था घायल
जागरण संवाददाता, बदायूं। ग्राम प्रधान पद के चुनाव को लेकर चली आ रही रंजिश में की गई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सहगल ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में तीन सगे भाई भी शामिल हैं।
न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद सभी को हत्या और जानलेवा हमले के आरोप में दोषी पाया। उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव भैसोरा निवासी विनय कुमार पुत्र शिशु भान सिंह ने नौ दिसंबर 2014 को उझानी कोतवाली में तहरीर दी थी।
इसमें बताया था कि वह सुबह करीब 8:30 बजे घर से खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान करुण के घर के सामने पहुंचा तो कछला की तरफ से उसके पिता शिशु भान सिंह और भाई मनोज कुमार उर्फ केशपाल बाइक से जसवीर के घर के सामने पहुंचे। विनय के मुताबिक वहां पहले से घात लगाए गांव के कुछ लोग लाठी-डंडों से लैस होकर बैठे थे।
पप्पू, रोहतास और विरेश पाल पुत्रगण स्वर्गीय सुरेश पाल सिंह, आदर्श उर्फ छगन पुत्र रहीश पाल, पुत्तू सिंह पुत्र गुलफाम सिंह निवासी भैसोरा तथा सुआपाल पुत्र गोकिल निवासी चौसिंगा ने एक राय होकर उसके पिता और भाई पर हमला कर दिया। हमलावरों ने दोनों को बाइक से गिराकर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर संजीव कुमार पुत्र रामरक्षपाल, सुरेंद्र सिंह पुत्र महाराज सिंह निवासी भैसोरा समेत परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद फायरिंग करते हुए गांव के बाहर की ओर भाग गए।
विनय ने मौके पर जाकर देखा तो उसके पिता शिशु भान सिंह की मौत हो चुकी थी, जबकि भाई मनोज उर्फ केशपाल गंभीर हालत में जमीन पर पड़ा था। वह दोनों को उझानी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां पिता को मृत घोषित कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, प्रधान पद के चुनाव को लेकर आरोपित पक्ष शिशु भान सिंह से रंजिश मानता था। सुआपाल प्रधानी का दावेदार था और इसी को लेकर विवाद चल रहा था।
मामले में पप्पू, रोहतास, विरेश पाल पुत्रगण सुरेश पाल सिंह, आदर्श उर्फ छगन पुत्र रहीश पाल, पुत्तू सिंह पुत्र गुलफाम सिंह और सुरजीत पुत्र रामवीर सिंह निवासीगण भैसोरा के खिलाफ मुकदमा चला।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सभी को दोषी पाया। जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह राठौड़ ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
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