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बदायूं CBG प्लांट हत्याकांड: अफसरों की अनदेखी से गई 2 जानें, अब दारोगा और इंस्पेक्टर पर गिरेगी गाज

Published: Sat, 22 Aug 2026 10:37 PM (IST)

बदायूं के सीबीजी प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड की विभागीय जांच में इंस्पेक्टर और दारोगा को दोषी पाया गया है। ...और पढ़ें

सुधीर गुप्‍ता और हर्षित म‍िश्रा की फाइल फोटो

सुधीर गुप्‍ता और हर्षित म‍िश्रा की फाइल फोटो

HighLights

  1. बदायूं में सीबीजी प्लांट के अधिकारियों की शिकायत पर भी नहीं की थी कार्रवाई

  2. पीछा करता था हत्यारोपित अजयपाल, उसे बचाने में जुटे थे दोनों पुलिसकर्मी

जागरण संवाददाता, बदायूं। इंस्पेक्टर अजय कुमार व हल्का दारोगा धर्मेंद्र कुमार ने विभागीय अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की, अजयपाल की गुंडई पर रोकथाम भी नहीं लगाई। इसी लापरवाही में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) में दोहरा हत्याकांड हो गया। विभागीय जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि यदि पुलिसकर्मी लापरवाही न करते तो हत्याकांड रोका जा सकता था।

घटना के चार महीने बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी अंकिता शर्मा को सौंप दी। अब इंस्पेक्टर व दारोगा पर दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। सैजनी गांव स्थित सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा हत्या कर दी गई थी।

इसी गांव में रहने वाले अजयपाल ने संविदा नौकरी से निकालने एवं पराली ठेका छिन जाने पर घटना की थी। घटना के अगले दिन मूसाझाग थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर अजय कुमार व दारोगा धर्मेंद्र को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई। जनवरी में सुधीर गुप्ता ने डीएम व एसएसपी से शिकायत की थी कि अजयपाल दबंगई दिखाता, धमकियां देता है। अधिकारियों ने मूसाझाग थाना पुलिस को निर्देशित किया, इसके बावजूद इंस्पेक्टर ने तत्काल कार्रवाई नहीं की।

सुधीर डरे हुए थे, उन्होंने कई शिकायतें कीं तब अजयपाल पर पीछा करने, धमकाने की प्राथमिकी हुई। उसमें भी थाना पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की, चार्जशीट में भी देरी की। सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा ने सुरक्षा मांगी, लेकिन इंस्पेक्टर ने अनसुनी कर दी।

तत्कालीन हल्का दारोगा धर्मेंद्र को अजयपाल की गुंडई की जानकारी थी, इसके बावजूद सख्ती नहीं की। इससे अजयपाल का दुस्साहस बढ़ता गया, उसने 12 मार्च को दोहरा हत्याकांड कर दिया। चार दिन पहले विभागीय जांच पूरी कर एसएसपी को सौंप दी गई। अब दोनों पुलिसकर्मियों की पदोन्नति व वेतनमान वृद्धि रोकने समेत कई कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

इंस्पेक्टर हो चुका बहाल

हत्याकांड के बाद इंस्पेक्टर अजय कुमार और दारोगा धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था। कुछ दिन पहले इंस्पेक्टर के स्वजन ने एसएसपी के सामने पहुंचकर आर्थिक तंगी की बात कही। गुहार लगाई कि निलंबन रद कर दिया, ताकि पूरा वेतन मिल सके।

मानवीय आधार पर इंस्पेक्टर को बहाल कर दिया गया, मगर दारोगा की बहाली अभी नहीं हुई है। इस हत्याकांड में अजयप्रताप, षड्यंत्र में शामिल भाई केशव, अभय, धर्मेंद्र, मुनेंद्र जेल में है। कोर्ट में 24 अगस्त को प्रकरण की सुनवाई भी होनी है।

 

दोहरे हत्याकांड की विभागीय जांच पूरी हो गई है। पीठासीन अधिकारी की ओर से संस्तुति के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- अंकिता शर्मा, एसएसपी


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