बदायूं: थाने की ID-पासवर्ड देकर चलाया जा रहा था वसूली का खेल, सिपाही समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज
बदायूं के जरीफनगर थाने में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सिपाही ने थाने का आईडी-पासवर्ड जनसेवा केंद्र संचालक को दिया, जिससे वे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
थाने का आईडी-पासवर्ड जनसेवा केंद्र संचालक को दिया गया।
गुम या चोरी मोबाइल की जानकारी से लोगों से वसूली।
सिपाही जावेद समेत तीन पर प्राथमिकी, तत्काल निलंबित।
जागरण संवाददाता, बदायूं। जरीफनगर थाने में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद ने थाने का आईडी-पासवर्ड जनसेवा केंद्र संचालक को दे दिया। इसके बाद संचालक अपने साथी के साथ गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी जुटाकर लोगों से रुपये वसूलने लगा।
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटर सिपाही समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने सिपाही जावेद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
गांव रामपुर टप्पा वैश्य निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह ने अपना मोबाइल गुम होने की शिकायत पड़रिया गांव निवासी प्रेमपाल उर्फ बंटी के जनसेवा केंद्र से दर्ज कराई थी। आरोप है कि प्रेमपाल और उसके साथी रंजीत ने मोबाइल मिलने की जानकारी देकर उससे रुपये मांगे।
कुल मिली रकम का 50 प्रतिशत जावेद सिपाही रखता था
चार सितंबर को दोनों ने डरा-धमकाकर उससे चार हजार रुपये ले लिए। इसकी शिकायत एसएसपी से हुई। एसएसपी ने जांच कराई तो पता चला कि थाने में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी प्रेमपाल को देता था।
इसके बाद प्रेमपाल और रंजीत मोबाइल चोरी करने वालों से संपर्क कर खुद को जरीफनगर पुलिस बताकर रुपये वसूलते और मोबाइल ले आते। इसके बाद जिसका मोबाइल होता उससे भी वसूली की जाती थी।
इसमें कुल मिली रकम का 50 प्रतिशत जावेद सिपाही रखता, जबकि शेष हिस्सा जनसेवा केंद्र संचालक प्रेमपाल और उसका साथी रंजीत रखता था। जांच के बाद हरीश बाबू की तहरीर पर रविवार को तीनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
