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बदायूं में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी शाबान को 20 साल की सजा, कोर्ट ने 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

Published: Sat, 19 Sep 2026 05:21 PM (IST)

बदायूं में एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में शाबान खान को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश, दूसरी आरोपित दोषी की मां को न्यायालय ने किया दोषमुक्त

जागरण संवाददाता, बदायूं। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से भगाकर दिल्ली और मुंबई ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, कक्ष संख्या दो नीरज कुमार गर्ग ने आरोपित को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर एक लाख 20 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है।

जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है। वहीं, मामले में दूसरी आरोपित अभियुक्त की मां शबाना को साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त कर दिया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने थाना कोतवाली सदर में तहरीर देकर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री 21 मई 2023 को दोपहर करीब 3:30 बजे राजा राम इंटर कालेज के पास कोचिंग के लिए गई थी।

आरोप था कि वहां शाबान खान नाम का युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शाम तक पुत्री के वापस नहीं लौटने पर वादी ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।

इसके बाद पुलिस से आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने न्यायालय में बताया कि वह करीब 15-20 दिन से शाबान से इंस्टाग्राम पर बातचीत कर रही थी।

21 मई को कोचिंग जाने के बाद शाबान के बुलाने पर वह उझानी पहुंची। वहां आरोपित ने कुछ दिन के लिए दिल्ली चलने की बात कही। उसकी बातों में आकर वह उसके साथ चली गई।

पीड़िता के अनुसार, आरोपित ने उसके कानों की बालियां बेच दीं और फिर दोनों दिल्ली चले गए। वहां से वे मुंबई पहुंचे, जहां एक कारखाने में रुके थे। पीड़िता ने बताया कि कारखाने में मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें वहां रुकने से मना किया था।

वह उसे बताना चाहती थी कि उसे जबरदस्ती लाया गया है, लेकिन इससे पहले ही आरोपित उसे वहां से ले गया। पीड़िता के अनुसार, शाबान की मां शबाना के आने से पहले आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे।

उम्र कम होने के कारण मौलवी ने निकाह कराने से मना कर दिया था। उसने आरोप लगाया कि शाबान की मां उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव भी बनाती थी। बाद में पुलिस उसे बरामद कर बदायूं ले आई।

मामले में सहसवान के मुहल्ला चौधरी निवासी शाबान के विरुद्ध अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा चलाया गया। विशेष न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के साथ ही विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। इसके बाद शाबान को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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