'प्रेम विवाह किया तो थाने के बाहर काट दिया गला...' बदायूं में बहन की हत्या करने वाले भाई समेत 4 को उम्रकैद
बदायूं में प्रेम विवाह से नाराज भाई और उसके तीन साथियों को बहन की हत्या के आरोप में उम्रकैद की ...और पढ़ें

एआई इमेज है।
HighLights
वर्ष 2021 में प्रेम विवाह से क्षुब्ध भाई ने बहन की चाकू से गला रेतकर की थी हत्या
भाई रचित पर 26 हजार, तीन अन्य आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना
जागरण संवाददाता, बदायूं। प्रेम विवाह करने से नाराज भाई ने साथियों के साथ मिलकर बहन की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। करीब पांच साल पुराने इस मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू ने भाई रचित कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, चंद्रपाल और कुंवर पाल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने रचित कुमार पर 26 हजार रुपये और अन्य तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पलिया गुर्जर का है। बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र स्थित बीडीए कालोनी निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ हैप्पी ने 28 जुलाई 2021 को पुलिस को बताया था कि उसका अर्चना युगल भारती से प्रेम संबंध था।
दोनों बालिग थे और उन्होंने आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया था। अर्चना के स्वजन इस विवाह से नाराज थे। आरोप है कि उसके भाई रचित कुमार ने देवेंद्र और उसके भाइयों के खिलाफ दातागंज थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
मामला न्यायालय पहुंचने के बाद अर्चना का धारा 164 के तहत बयान दर्ज होना था। इसके लिए देवेंद्र अपनी पत्नी को लेकर दातागंज आया था। 28 जुलाई को करीब 10 बजे थाने से पहले सड़क पर रचित कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, चंद्रपाल और कुंवर पाल ने उनकी गाड़ी रोक ली।
आरोप था कि चारों ने एक राय होकर उन पर हमला कर दिया। इसी दौरान रचित ने चाकू से अर्चना के गले पर वार कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के दौरान चीख-पुकार सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने रचित कुमार और पुष्पेंद्र कुमार को चाकू समेत पकड़ लिया, जबकि चंद्रपाल और कुंवर पाल वहां से भाग गए। पुलिस की मदद से अर्चना को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद 29 जुलाई को दातागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने सभी आरोपितों को पकड़ कर जेल भेजा और चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए।
पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने चारों आरोपितों को हत्या का दोषी माना। अपर शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने सभी चारों दोषियों को उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई।
