रक्षाबंधन पर मार्केट में आई सोने और चांदी की डिजाइनर राखियां, कीमत सिर्फ 500 रुपए से शुरू
रक्षाबंधन पर बदायूं के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की राखियों की धूम है। लोग इन्हें निवेश के तौर ...और पढ़ें

सर्राफ की दुकान के काउंटर में रखीं चांदी की डिजाइनर राखियां
HighLights
सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की राखियों की धूम।
राखियों को निवेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
चांदी की राखी बांधना ज्योतिष अनुसार बेहद शुभ।
जागरण संवाददाता, बदायूं। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इस बार सर्राफा बाजार में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। ज्वैलर्स ने ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी की आकर्षक राखियों का नया स्टाक बाजार में उतारा है।
पांच सौ रुपये की किफ़ायती चांदी की राखी से लेकर 50 हजार रुपये तक की प्रीमियम सोने की राखियों की बाजार में भारी मांग बनी हुई है। लोग इन राखियों को केवल एक रेशमी धागा न मानकर, एक सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश के रूप में भी देख रहे हैं।
रक्षाबंधन के इस खुशियों भरे त्योहारी सीजन में गहनों और चांदी के उपहारों की जमकर खरीदारी की जा रही है। भाई अपनी बहनों के लिए राखी के अलावा सोने-चांदी के सिक्के, पायल और अन्य सुंदर आभूषण खरीद रहे हैं, जिससे लंबे समय बाद सर्राफा कारोबारियों के व्यापार में बड़ा उछाल आया है और उन्हें भारी राहत मिली है।
बाजार में मध्यम वर्ग से लेकर संपन्न परिवारों की जेब और बजट के अनुसार कई तरह की नई वैरायटियां उपलब्ध कराई गई हैं। चांदी की राखियों की बिक्री सबसे अधिक दर्ज की जा रही है, क्योंकि यह मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट में आसानी से फिट बैठ जाती हैं।
वहीं, संपन्न परिवार सोने की राखियां पसंद कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार राखियों के साथ-साथ पारंपरिक गहनों की बिक्री में आए इस अचानक सुधार से पूरे बाजार में उत्सव का नया माहौल बन गया है।
कलाई पर चांदी की राखी बांधना बेहद शुभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भाई की कलाई पर चांदी की राखी बांधना बेहद शुभ माना जाता है। चांदी का सीधा संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से होता है, जो मन, मानसिक शांति, सुख और समृद्धि के कारक हैं। इसके अलावा चांदी को माता लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है, जो जीवन में खुशहाली लाती है।
