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बदायूं में फर्जी मजदूरों के नाम पर डकार गए 2 लाख; प्रधान और सचिव की बढ़ी मुश्किलें, जवाब से अधिकारी असंतुष्ट

Published: Wed, 16 Sep 2026 05:49 PM (IST)

बदायूं की ग्राम पंचायत मिठामई में फर्जी मजदूरों के नाम पर 2.08 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बिसौली ब्लाक की ग्राम पंचायत मिठामई में फर्जी मजदूरों के नाम पर 10.84 लाख के घोटाले की हुई थी शिकायत

  2. डीपीआरओ ने जांच कर 2.08 लाख रुपये का माना गबन, डीएम के पत्र पर आए जवाब से भी संतुष्ट नहीं अधिकारी

अंकित गुप्ता, बदायूं। जिले की ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का बंदरबांट लगातार चल रहा है। इस बार बिसौली ब्लाक की ग्राम पंचायत मिठामई में फर्जी मजदूर दिखाकर ग्राम प्रधान और सचिव ने दो लाख रुपये का गबन किया। इस मामले की शिकायत तो आठ फर्जी मजदूरों के खाते में कुल 10.84 लाख रुपये डालकर गबन किए जाने की हुई थी।

पहली जांच में डीपीआरओ ने इसे स्वीकार भी किया था, लेकिन जब डीएम ने समिति बनाकर जांच कराई तो उसमें दो फर्जी मजदूरों के खाते में 2.08 लाख रुपये डालकर सरकारी धन का दुरुपयोग माना गया।

अब जांच पूरी हो गई है। डीएम ने सात दिन का समय देकर जवाब मांगा था, वह जवाब भी आ गया है। लेकिन अधिकारी उससे संतुष्ट नहीं है। सीडीओ का अनुमोदन मिलते ही मामले में कार्रवाई तय हो जाएगी।

ग्राम पंचायत मिठामई निवासी श्याम सिंह सहित करीब दस ग्रामीणों ने 20 जून काे संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उनके गांव की प्रधान रेखा रानी और सचिव प्रिया पाल के द्वारा ग्राम पंचायत में बिना किसी कार्य के कराए ही ऐसे लोगों के खाते में मजदूरी के रुपये डाले गए हैं, जो ग्राम पंचायत में रहते ही नहीं है।

बताया कि पूर्व में हुए हैंडपंप रीबोर को दोबारा रीबोर दर्शाकर, बिना सफाई कराए सफाई दर्शा कर, ग्राम पंचायत में गोशाला न होने के बाद भी मृत गायों को दफन कराने के नाम पर कुल आठ लोगों के खाते में 10.84 लाख रुपये डालकर इस धनराशि का गबन किया गया है।

तहसील दिवस की शिकायत पर डीपीआरओ यावर अब्बास ने जांच की। इसकी रिपोर्ट जब बिसौली एसडीएम को भेजी गई तो उसमें रामसेवक नाम के व्यक्ति के खाते में 2,77,778 रुपये 14 वाउचर से डाले जाने को गलत बताया।

इसी तरह केदार सिंह के नाम से 89,179 रुपये, शिशुपाल के नाम पर 63,800 रुपये,रामाऔता के खाते में 30,328, ओमवीर के खाते में 1,11,750 रुपये, श्यामबाबू के खाते में 96,360 रुपये, सुशांत व प्रशांत के खाते में 1,89,600 रुपये व अनिल कुमार के खाते में 2,25,884 डाले जाने और फिर उनका आहरण किए जाने का उल्लेख किया।

जिसे उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता व दुरुपयोग की श्रेणी में मानते हुए शिकायत को सही बताया। इसके बाद फिर डीएम ने सीडीओ जांच के आदेश दिए। सीडीओ स्तर से एक कमेटी गठित हुई, जिसमें एसडीएम बिसौली व डीपीआरओ को जांच के लिए नामित किया।

जब इसकी जांच रिपोर्ट आई तो उसमें ओमवीर व श्यामबाबू को ग्राम पंचायत मिठाई का निवासी नहीं पाया गया और उनके द्वारा किसी कार्य को न किए जाने की बात कही गई।

जबकि श्यामबाबू के खाते में 96360 रुपये और ओमवीर के खाते में 1,11,750 रुपये ग्राम निधि के खाते से भेजा जाना पाया गया। इसमें अन्य छह लोगों के खाते में गई धनराशि को सही मानते हुए कुल 2,08,110 रुपये का गबन माना गया।

इस पर डीएम ने प्रधान और सचिव को सात दिन में जवाब देने का आदेश दिया। प्रधान और सचिव ने अपना जवाब भेजा लेकिन उससे अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। डीएम अवनीश राय ने इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इस पर डीपीआरओ यावर अब्बास ने बताया कि उन्होंने कार्रवाई की फाइल तैयार कर सीडीओ गामिनी सिंगला को भेज दी है। उनका अनुमोदन मिलते ही ग्राम प्रधान रेखा रानी और सचिव प्रिया पाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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