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बदायूं में भारी बारिश ने गोशालाओं में बरपाया कहर, 80 से ज्यादा गायों की मौत; प्रशासन पर आंकड़े छिपाने का आरोप

Published: Mon, 28 Sep 2026 09:16 AM (IST)

बदायूं में तीन दिनों की मूसलाधार बारिश ने गोशालाओं में कहर बरपाया, जिससे पानी भरने और ठंड के कारण 80 से अधिक गायों की मौत हो गई।

अभिगांव की गोशाला में कुछ इस तरह मरी पड़ीं गायें

अभिगांव की गोशाला में कुछ इस तरह मरी पड़ीं गायें

HighLights

  1. बदायूं में भारी बारिश से गोशालाओं में पानी भरा, कई गायों की मौत।

  2. पशु प्रेमियों ने 80 से अधिक मौतों का दावा, प्रशासन ने 29 मानी।

  3. डीएम ने जांच कमेटी बनाई, लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

जागरण टीम, बदायूं। जिले में तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात ने गोशालाओं में बंद बेजुबानों पर कहर बरपाया है। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से गोशालाओं में पानी भर गया और गायें उसी में फंसकर भीगती रहीं। ठंड और पानी में डूबे रहने से जिले की कई गोशालाओं में बड़े पैमाने पर गायों की मृत्यु का मामला सामने आया है।

विकास खंड म्याऊं के गांव अभिगांव, सालारपुर की ग्राम पंचायत ब्यौर, समरेर ब्लॉक की मनिकापुर कौर की गोशालाओं में गायों के मरने की सूचना के बाद शनिवार दोपहर बाद अधिकारी दौड़ पड़े। इसमें सबसे अधिक अभिगांव में करीब 55 गाय, मनिकापुर कौर में दस, ब्यौर में 17 गायों की मौत की जानकारी पशु प्रेमियों और हिंदू संगठनों के लोगों ने पहुंच कर दी।

उनका आरोप है कि प्रशासन मौतों को छिपाने के लिए गोशाला परिसर के अंदर ही बड़े-बड़े गड्ढे खोदवाकर जेसीबी से शवों को दफन करा रहा है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी इसे दैवीय आपदा बता रहे हैं।

उनका कहना है कि तापमान कम होने और ठंड बैठ जाने से हाइपरथर्मिया के कारण गायों की मौत हुई है। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर गोशालाओं में मरी गायों का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया है। पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा का आरोप है कि जिला प्रशासन आंकड़े छिपा रहा है और मरने वाली गायों की संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि 100 से अधिक गायों की मौत हुई है। जिला प्रशासन अब तक सिर्फ 29 गायों की मौत की पुष्टि कर रहा है, जिसमें अभिगांव में 20 और ब्यौर कासिमाबाद में 9 गायों की मौत बताई जा रही है लेकिन इसके अलावा मनिकापुर व अन्य गोशालाओं में हुई मौतों का कोई जिक्र प्रशासनिक रिपोर्ट में नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर मौतें सिर्फ ठंड से हुईं तो रातों-रात शवों को दफन करने की जल्दबाजी क्यों की गई और पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया।

डीएम ने बनाई जांच कमेटी

मामले के तूल पकड़ने पर डीएम अवनीश राय ने सीडीओ गामिनी सिंगला की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। डीएम ने बताया कि अभिगांव में 20 जबकि ब्यौर गांव में नौ की मौत की पुष्टि हुई है।

कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। लापरवाही बरतने वाले एनजीओ को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा और दोषी कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सर्दी लगना बताया गया है।

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