बदायूं : जिले में बुखार का प्रकोप जारी है। बुधवार रात से गुरुवार तक जिलेभर में सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोग बीमार हैं। शासन की ओर से आई स्वास्थ्य महकमे की टीम समेत लोकल टीमें बुखार पर काबू पाने में जुटी हुई हैं लेकिन एक जगत बुखार का प्रकोप थमता है तो दूसरे गांव में शुरू हो जाता है। संसू, सिलहरी : थाना कुंवरगांव इलाके के गांव कैली निवासी 28 वर्षीय राजकुमार को कई दिन से बुखार आ रहा था। बदायूं में इलाज से राहत नहीं मिली तो परिवार वले उसे बरेली ले गए। वहां एक निजी अस्पताल में दौरान इलाज उसकी मौत हो गई। संस, उझानी : नगर के मुहल्ला नझियाई निवासी दिनेश की 13 साल की बेटी आरती की बुधवार रात बुखार पर सिरदर्द से मौत हो गई। वहीं मानकपुर के हनीफ व छतुइया गांव की नीलम देवी की भी बुखार से मौत हुई है। दोनों का निजी डॉक्टर के यहां इलाज चल रहा था।

संसू, मूसाझाग : ब्लॉक क्षेत्र जगत के गांव मर्रई में बुखार का कहर जारी है। रामवीर के पांच साल के बेटे श्रीकांत और इसी गांव के नेम¨सह की तीन साल की बेटी जगता देवी की बुखार से मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग की टीम आज तक गांव नहीं पहुंची है।

संसू, उघैती : गांव मेवली में बुधवार शाम 18 वर्षीय गीता शाक्या की मौत हुई है। गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

टीम ने बांटी दवाइयां

संस, बिसौली : आसफपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव बीधानगला में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और गांव वालों का ब्लड सैंपल लेकर दवाइयां बांटीं। दबतोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई भी डाक्टर तैनात नहीं है। अस्पताल में एक यूनानी चिकित्सक के सहारे ही मरीजों के इलाज की खानापूर्ति की जा रही है।

संसू सैदपुर : उरैना गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर दवाइयां बांटीं। साथ ही मरीजों की जांच भी की।

छुट्टियां रद्द, कमेटी गठित

प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत ¨सह ने गुरुवार को अधीनस्थों की बैठक लेकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी अब बुखार के खात्मे तक अवकाश पर नहीं जाएगा। वहीं डेथ ऑडिट कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता एसीएमओ डॉ. अनिल शर्मा करेंगे। जबकि एसीएमओ डॉ. कौशल गुप्ता समेत जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वीके शर्मा, जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशु अग्रवाल बतौर सदस्य रहेंगे। इस टीम का काम जिले में हुई मौतों की वजह तलाशना रहेगा। ताकि समय रहते शासन को रिपोर्ट सौंपी जा सके। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि शासन की टीम के अलावा जिला स्तरीय चार टीमें और ब्लाक की 36 टीमों ने गुरुवार को 2794 मरीजों का इलाज किया। इनमें 46 मरीज फैल्सीपेरम मलेरिया के निकले हैं। इन संभावित मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। 770 मरीजों की स्लाइड बनाकर उन्हें लैब भेजा गया है। जबकि गांवों में घूमकर फा¨गग कराने के साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांटी हैं।

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