जासं, चक्रपानपुर (आजमगढ़) : राजकीय मेडिकल कालेज व सुपर फैसिलिटी अस्पताल के ऑडिटोरियम हाल में विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रज्ञा सिंह ने कहा कि समस्या समाधान के लिए उसके मूल तक जाना आवश्यक है। निर्भया कांड की घटना के उल्लेख में पॉक्सो एक्ट पर उन्होंने कहा कि देश की विडंबना ही है कि बच्चों को बचाने के लिए इस एक्ट को बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में प्रगति पर हैं। इसलिए शायद यह कहने की जरूरत नहीं है कि बेटी और बेटा समान है। पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह ने साइबर क्राइम व उससे बचाव की जानकारी दी। उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज टेक्नोलॉजी का युग है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता पर हम समाज की रक्षा कर सकते हैं। प्राचार्य डा. आरपी शर्मा ने कहा कि जागो और जगाओ तभी हम खुद और लोगों को जागरुक कर सकते हैं। सीओ सदर मोहम्मद अकमल खान ने कहा कि महिला आधी आबादी ही नहीं अपितु वह पूरी आबादी को जनित करती हैं। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि आज डायल 1090 से 11 लाख महिला लाभान्वित हो चुकी हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अध्यक्षता शेषनाथ सिंह व संचालन जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह जेपी ने किया। इस मौके पर डा. एमके गुप्ता, डा. पद्मावती गौतम, डा. नियाज हसन, रंजना मिश्रा डा. दीपक पांडेय, डा. आतोश त्रिपाठी आदि रहे।

Posted By: Jagran

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