जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : मुबारकपुर क्षेत्र में दस दिन पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में घायल बालिका के साथ मेडिकल रिपेार्ट में दुराचार की पुष्टि हो गई है। पुलिस ने घायल दोनों बच्चों का बुधवार को कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराया। मौके से मिले खून से सने कपड़े व अन्य साक्ष्य को फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस ने लखनऊ भेज दिया।

मुबारकपुर क्षेत्र में 24 नवंबर की रात को दंपती व उसके मासूम बेटे की हत्या कर दी गई थी, जबकि दस वर्षीय पुत्री व पांच वर्षीय पुत्र को हमलावर ने सिर पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। महिला का निर्वस्त्र हालत में शव मिलने से दुराचार की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस ने जब मृत महिला का पोस्टमार्टम कराया तो डाक्टर ने सीमेन न मिलने से दुराचार का होना नहीं दर्शाया था। इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपित नसीरुद्दीन उर्फ अउवा पउवा को सोमवार की रात को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि दुराचार के इरादे से ही उसने तीनों की हत्या की थी। इतना ही नहीं घायल महिला व बालिका के साथ भी दुराचार करने की बात स्वीकार की। उसके इस खुलासे से पुलिस भी चकरा गई। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि घायल बालिका का मेडिकल जांच कराया गया तो उसके साथ भी दुराचार की पुष्टि हुई। घायल दोनों बच्चों का पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में 164 का बयान भी दर्ज करा दिया है। मौके से मिले खून से सने कपड़े, सीमेन लगे वस्त्र व अन्य साक्ष्य को फोरेंसिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि दो दिन में पुलिस विवेचना पूरी कर चार्जशीट भी कोर्ट में प्रेषित कर देगी। पुलिस का प्रयास होगा कि मुकदमे की रोज सुनवाई कराकर आरोपित को फांसी की सजा दिलाई जाए।

Posted By: Jagran

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