--हड़ताल पर प्रहार :::

-वाहन चलाने में पारंगत सफाईकर्मी, सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकृत, इंटर कालेज के चालक भी लगाए गए

-रोडवेज चालकों को वापस, प्रशासन ने की वैकल्पिक व्यवस्था

-पीएचसी व सीएचसी के ईएमटी को मरीजों की देखरेख की दी गई जिम्मेदारी

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के बाद प्रशासन की पहल पर लगाए गए रोडवेज चालकों को दूसरे ही दिन वापस कर दिया।क्योंकि इससे रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित हुआ तो एक ही दिन में विभाग को लगभग सात लाख का घाटा हो गया। इसके बाद प्रशासन ने रोडवेज चालकों को वापस करते हुए हुनरमंद होमगार्ड, पीआरडी जवान, सफाईकर्मी, सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकृत लोगों के साथ सीबीएसई बोर्ड से संचालित इंटर कालेज के चालकों को भी लिया है। रात 12 बजे से शुरू हुई कवायद सुबह तक काफी हद तक व्यवस्थित हो गई।

एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज के चालकों के एंबुलेंस का संचालन शुरू कर दिया गया था। अभी व्यवस्था पटरी पर आई ही थी कि परिवहन विभाग ने चालकों के न होने के कारण घाटे की बात बताते हुए सीएमओ डा. इंद्रनारायण तिवारी को पत्र प्रेषित कर दिया। रात में ही जानकारी होते ही लोगों को एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई। रात भर चली मैराथन कवायद के बाद चालक पद के लिए सेवा योजन पोर्टल पर पंजीकृत 100, वाहन चलाने में पारंगत 10 पीआरडी जवान, 10 होमगार्ड के जवान, 50 सफाईकर्मी और सीबीएसई बोर्ड से संचालित इंटर कालेज के 26 चालकों का इंतजाम किया गया। चालकों की वैकल्पिक व्यवस्था के बाद ईएमटी(आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) को जिले के पीएचसी व सीएचसी से बुलाया गया, जिससे एंबुलेंस में मरीजों को कोई दिक्कत न हो। बहरहाल, मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहा है। व्यवस्था संचालन में नोडल अधिकारी 108 एंबुलेंस/ अपर चिकित्साधिकारी डा. वाईके राय, युवा खेल एवं प्रादेशिक दल विभाग अधिकारी राजनेति सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी थे।

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वर्जन:::

''रोडवेज के चालकों को रात में ही वापस भेज दिया गया। विभिन्न स्त्रोतों से नए चालकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। काल करने पर समय से एंबुलेंस पहुंचे, इसके लिए उसी क्षेत्र के संबंधित विभागों के चालकों को लगाया जा रहा है। क्योंकि वे अपने क्षेत्र के भौगोलिक स्थिति से परिचित होते हैं। एजेंसी के माध्यम से चालकों की भर्ती प्रकिया में सेवा योजन पोर्टल पर पंजीकृत चालकों को वरीयता देने को कहा गया है।

-आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ, आजमगढ़।

Edited By: Jagran