विधि संवाददाता, आजमगढ़ : गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एक आरोपित को दोषी पाए जाने पर उसे सात साल की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उक्त आरोपित पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उक्त फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक एसएन त्रिपाठी ने सुनाया।

अभियोजन कथन के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के अराजी देवारा करखिया (नहड़ौर का पूरा) निवासी व वादी मुकदमा बृजभान पुत्र राजेंद्र के फूफा गणेश वादी मुकदमा के ही गांव में मकान बनवाकर रहते थे। सात अप्रैल 2016 की सुबह गणेश की बकरियां उसी गांव के ही निवासी तेजू पुत्र स्व. बल्ली के भिडी की खेत में चली गई। इसी बात को लेकर तेजू लाठी लेकर गणेश के घर पर चढ़ आया और गाली गलौज देने लगा। गणेश ने जब प्रतिरोध किया तो तेजू ने उसके गर्दन पर लाठी से प्रहार कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल गणेश को लेकर परिजन अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी थी। पुलिस ने जांच करने के बाद आरोपी तेजू के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेज दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी मुकदमा समेत कुल सात गवाहों को बतौर गवाह अदालत में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपित तेजू को सात वर्ष के कारावास के साथ ही दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Posted By: Jagran

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