जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : यदि आप आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं और मंडलीय जिला चिकित्सालय में इलाज कराने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए निराश करने वाली है। दरअसल मंडलीय जिला चिकित्सालय में इलाज के क्लेम का भुगतान नहीं हुआ। अस्पताल का फंड खत्म हो जाने से मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर दिया गया है। आयुष्मान के लाभार्थी या तो अपने खर्च पर इलाज करा रहे हैं या आयुष्मान योजना में चयनित अस्पताल में इलाज कराने को विवश हैं।

मंडलीय जिला चिकित्सालय में एक वर्ष में 92 मरीजों का इलाज हुआ जिसमें एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि 91 मरीजों के इलाज का क्लेम चार लाख 76 हजार 900 रुपये बनाकर शासन को भेजा गया। इसमें से 66 मरीज इलाज कराने के बाद बिना सत्यापन कराए ही चले गए जिनका क्लेम सत्यापन न हो पाने से फंसा हुआ है। वहीं 25 मरीजों के इलाज का सत्यापन होने के बाद भी एक लाख 96 हजार 700 रुपये क्लेम का भुगतान नहीं हो सका। धन न मिलने की वजह से अस्पताल प्रशासन द्वारा आयुष्मान के लाभार्थियों को भर्ती लेने से इंकार कर दिया जा रहा है। इस संबंध में योजना के आइटी मैनेजर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि क्लेम तैयार करके शासन को भेज दिया गया। क्लेम का भुगतान शासन से ही होना है। इस संबंध में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा. वाईके राय से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। ''मंडलीय जिला चिकित्सालय में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा था, यदि ऐसी शिकायत है तो नोडल अधिकारी से इसकी पड़ताल कराई जाएगी। मरीजों के इलाज में कोई कोताई नहीं होगी।''

-डा. एके मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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