जागरण संवाददाता, आजमगढ़: त्रिस्तरीय पंचायत संपन्न होने के बाद कोरोना काल में भी पिछले वर्ष के सापेक्ष गेहूं की खरीद में तेजी आई है। रबी क्रय वर्ष 2021-22 में पहली अप्रैल छह मई तक आंकड़ों के अनुसार 33,53 किसानों से 14,558.30 टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जबकि छह मई को 1770. 60 टन गेहूं की खरीद हुई है। हालांकि 1,995 रुपये प्रति क्विटल समर्थन मूल्य के अनुसार 2880.41 लाख रुपये के सापेक्ष 1691.85 लाख रुपये किसानों का भुगतान हुआ है और 1188.56 लाख रुपये शेष हैं।

किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न एजेंसियों के कुल 77 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिसमें खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ के 45, एफसीआइ के दो क्रय केंद्र शामिल है। इस समय खाद्य विभाग के 30 , पीसीएफ के 43 और एफसीआइ के दो सहित 75 केंद्रों पर खरीद हो रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार खाद्य विभाग के 30 केंद्रों पर 5261.10 टन, पीसीएफ के 43 केंद्रों पर 8951.89 और भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्रों पर 371.36 टन गेहूं की खरीद हुई है। 8335.30 टन गेहूं का भंडारण एफसीआइ में किया जा चुका है। जबकि 6449.04 टन गेहूं का उठान क्रय केंद्र के गोदामों से किया जाना शेष है।

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वर्जन:::

''कटाई व मड़ाई और पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद गेहूं खरीद में तेजी आई है, जो अब तक पिछले खरीद वर्ष से अधिक है। क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों से संपर्क कर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें, जिससे उनकी खरीद में किसी प्रकार की परेशानी न हो। केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हैं।

-आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ।