आजमगढ़ : लगभग दो वर्ष पूर्व बहू की हत्या के मुकदमे में वांछित चल रहे ओलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी की तलाश में पुलिस ने शहर स्थित उनके मदरसे पर शुक्रवार की रात को छापा मारा। आमिर रशादी के नहीं मिलने पर पुलिस बैरंग लौट गई।

ओलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी के भतीजे की पत्नी फौजिया की नवंबर 2017 में संदिग्ध हालत में करेंट लगने से मौत हो गई थी। ससुराल के लोगों ने उसके शव को शहर के मोहल्ला गुलामी का पुरा स्थित कब्रिस्तान में दफन कर दिया था। फौजिया की मौत के मामले में उसके बहनोई सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी हामिद संजरी ने 22 नवंबर 2017 को शहर कोतवाली में अपनी साली फौजिया की हत्या करने व सुबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। हामिद संजरी की तहरीर पर पुलिस ने मृत फौजिया के चचेरे ससुर व ओलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी, उनके भाई हसन अम्मार समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या और सुबूत नष्ट करने की धारा के तहत मुकदमा अपराध संख्या 518/2017 की धारा 302, 201 व 120 बी भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। लगभग एक माह बाद चार दिसंबर 2017 को पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया था। शहर कोतवाल विनय कुमार मिश्र का कहना है कि इसी मुकदमे में आमिर रशादी, उनके भाई हसन अम्मार समेत तीन लोग वांछित हैं। आरोपित आमिर रशादी की तलाश में वह स्वाट प्रभारी राजेश कुमार उपाध्याय के साथ शुक्रवार की रात को गुलामी का पुरा स्थित जामेतुर्रशाद मदरसे पर छापा मारा। शहर कोतवाल का कहना है कि आरोपित के नहीं मिलने पर पुलिस बैरंग लौट आई। उन्होंने बताया कि उक्त मुकदमे में साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस आमिर रशादी के यहां गई थी। इधर जब आमिर रशादी के घर पर संपर्क किया गया तो उनके पुत्र तलहा आमिर ने छापेमारी की बात से इन्कार किया।

Edited By: Jagran