मेरे सपने-

‘‘शिक्षक बनकर सुशिक्षित समाज की परिकल्पना को साकार करने का सपना है। मेरे आदर्श महामना पंडित मदन मोहन मालवीय हैं।

-रागिनी सिंह, कक्षा-10,शादीपुर, ठेकमा।

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