आजमगढ़ : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत जनपद के सभी राजस्व गांवों को दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित किया जाना है। पूरे प्रशासनिक अमले ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार ¨सह ने बुधवार को विकास खंड तहबरपुर के तीन राजस्व गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान लक्ष्य के सापेक्ष आवंटित शौचालयों का निर्माण होना पाया गया। जबकि कुछ शौचालयों का मानक के अनुसार निर्माण नहीं हो रहा था। उन्होंने खंड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि जिन शौचालयों के गड्ढे और स्ट्रक्चर मानक के अनुरूप नहीं बन रहे हैं, उन्हें सही कराएं अन्यथा उनके वेतन से शौचालय निर्माण की धनराशि वसूली जाएगी। उधर, परियोजना निदेशक व प्रभारी बीडीओ पल्हनी डीडी शुक्ल ने तीन गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान बेसलाइन सर्वे सूची 2011 के अनुसार निर्मल भारत अभियान के 23 लाभार्थी अपात्र मिले।

मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लाक तहबरपुर की ग्राम पंचायत खासबेगपुर के राजस्व गांव बड़सरा खालसा, मनियारपुर और खरकौली का निरीक्षण किया। लक्ष्य के सापेक्ष आवंटित लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की धनराशि भेज दी गई है। तीनों गांवों में शौचालय का निर्माण हो रहा था। कुछ लाभार्थियों द्वारा गड्ढा और स्ट्रक्चर मानक के अनुसार बनता हुआ नहीं मिला। जिला मुख्यालय से गई तकनीकी टीम ने उसका निरीक्षण किया। सीडीओ ने बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन गांवों में जाकर निर्माण का भौतिक सत्यापन करें। मानक के अनुसार शौचालय निर्माण बनवाना सुनिश्चित हो, अन्यथा उनके वेतन से रिकवरी की जाएगी। उधर, पल्हनी ब्लाक के प्रभारी बीडीओ व पीडी ने करेन्हुआ, जयरामपुर व भीखमपुर गांव में शौचालय निर्माण का भौतिक सत्यापन बेसलाइन सर्वे सूची के अनुसार किया। निर्मल भारत अधियान के जयरापुर में सूची के अनुसार 207 में 17 और करेन्हुआ में 183 में छह लाभार्थी अपात्र मिले। जयरामपुर में 135 लक्ष्य के सापेक्ष 50 पूर्ण मिले और 75 का निर्माण हो रहा था, जबकि करेन्हुआ में 168 के सापेक्ष 104 का निर्माण हो चुका था जबकि 64 निर्माणाधीन मिले। प्रधान व सचिव को एक सप्ताह के अंदर शेष शौचालयों का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीओ आइएसबी मौजूद थे।

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