जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जौनपुर के लेखपाल व अध्यापक को करोड़पति बनाने का सब्जबाग दिखाकर उनसे जालसाजों ने पांच लाख रुपये ले लिया था। अंतरजनपदीय जालसाज गिरोह के तीन शातिर ठगों को शनिवार की सुबह पुलिस व स्वाट की संयुक्त टीम ने शहर के बैठौली बाईपास के समीप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से ठगी के 60 हजार रुपये, 10 प्राचीन सिक्का, फर्जी प्रमाण पत्र, लैपटॉप, प्रिटर आदि सामान बरामद किया। पकड़े गए तीनों जालसाज मंदिर से मूर्ति लूट करने वाले गिरोह से भी जुड़े हुए हैं। हिमाचल में बैठा आर्मी का एक वरिष्ठ अधिकारी को गैंग का सरगना बताया गया है।

एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार जालसाजों में चंद्रभूषण सिंह ग्राम बाबू की खजुरी थाना मेंहनगर, इंद्रेश कुमार ग्राम करौती थाना मेंहनगर (दोनों आजमगढ़), करमजीत मौर्य ग्राम खालिसपुर गोदाम थाना जैतपुर जिला आंबेडकर नगर के निवासी हैं। जालसाज कुछ दिन पूर्व गिरफ्तार किए गए राइस पुलिग गिरोह के शातिर बदमाश हैं। करोड़पति बनाने का सब्जबाग दिखाकर जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील क्षेत्र के लेखपाल रमेश कुमार से एक लाख 40 हजार रुपये और इसी क्षेत्र के अध्यापक दिनेश राजभर से तीन लाख 60 हजार रुपये ले लिया था। रुपये लेने के बाद लेखपाल व अध्यापक को जालसाज अपने साथ लेकर विगत दिनों उन्हीं के रुपये से एक वाहन रिजर्व कर कोलकाता लेकर गए। कोलकाता पहुंचने के बाद दोनों को उन्होंने एक होटल में ठहरा दिया और कहा कि उन्हें करोड़ों रुपये मिलेंगे। इसके बाद गिरफ्तार एक जालसाज ने जालसाजी से मिले रुपये से अपने व्यापार के लिए कच्चा नारियल खरीद कर उसे ट्रक से भेजवा दिया। कुछ दिन बाद दोनों को बैरंग ही कोलकाता से लेकर वापस आ गए। पीड़ित लेखपाल व अध्यापक को जब जालसाजी का अहसास हुआ तो उन्होंने पकड़े गए आरोपितों से अपने रुपये वापस मांगने लगे। इस पर जालसाजों ने मिलकर दोनों को मारपीट कर भगा दिया था। पीड़ित लेखपाल व अध्यापक ने एसपी से मिलकर गुहार लगाई थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। सीओ सदर मोहम्मद अकमल खान के नेतृत्व में मुबारकपुर इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र, सब इंस्पेक्टर कमल नयन दुबे, देवेंद्र कुमार सिंह, मधुसूदन चौरसिया, स्वाट टीम के दारोगा बृजेश सिंह, मनोज कुमार सिंह, श्रीप्रकाश शुक्ल ने शनिवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर तीनों जालसाज युवकों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए डीजीपी ने सीओ सदर को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।

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