आजमगढ़ : साफ्टवेयर में सेंध लगाकर खाद्यान्न लूटने के मामले में एसटीएफ के धमकने की डर से जनपद में तैनात सभी आपरेटर अंडरग्राउंड हो गए हैं। इसकी वजह से जिला पूर्ति विभाग के आपरेटर कक्ष में पिछले दस दिन से जहां ताला लटका हुआ है, वहीं सारा कार्य बाधित हो गया है। अब आपरेटर न रहने की वजह से पूर्ति निरीक्षक भी हड़ताल पर चले गए थे। अब यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स, आफिसर्स एसोसिएशन के निर्णय के बाद अब पूर्ति निरीक्षक कार्य करने के लिए आगे आ गए हैं। ऐसे में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला पूर्ति अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा।

पूर्ति निरीक्षकों का कहना है कि कंप्यूटर आधारित कार्य के लिए हमें सरकारी कंप्यूटर आपरेटर उपलब्ध कराए जाएं। फील्डस्तरीय कार्मिक जहां पर उपस्थित रहेगा, वहीं पर कार्य करेगा। कहा कि जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं सामान्य कंप्यूटरीकृत कार्यो के संचालन के लिए न कोई इंटरनेट का बजट और न ही आपरेटर्स का कोई बजट आवंटित किया गया है। पूर्व में सेवा प्रदाता के माध्यम से आपरेटर उपलब्ध कराए गए थे। उन्हीं में से कुछ आपरेटरों द्वारा अभी तक कार्य किया जा रहा था, लेकिन उनका भी भुगतान नहीं हो रहा था। ऐसे में अब प्रदेश स्तर पर विभिन्न जनपदों में चल रही एसटीएफ की जांच से सभी कंप्यूटर आपरेटर भाग खड़े हुए हैं। इसके कारण आधारकार्ड फी¨डग व सी¨डग का कार्य रुका हुआ है। अब लाभार्थी द्वारा जन सुविधा केंद्र में एसएसडीजी पोर्टल पर स्वयं अपना राशन कार्ड, यूनिट, आधार फीड करवाकर इसकी रसीद सहित समस्त औपचारिकताएं पूर्णकर अभिलेख उपलब्ध कराए जाने की दशा में संबंधित पूर्ति निरीक्षक द्वारा डिजिटल सिग्नेचर कर इसे डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। पत्रक सौंपने वालों में पूर्ति निरीक्षक इंद्रासनी यादव, संजय ¨सह, वीरेंद्र कुमार, विजय कुमार साहनी, मिथिलेश कुमार ¨सह, रामप्रवेश, शिवशंकर, विकास कुमार ¨सह, आनंद कुमार यादव, पद्माकर तिवारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अनिल कुमार शामिल हैं।

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