-सहकारिता आप के द्वार :::

-मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सहकारिता को आमजन में सर्वसुलभ बनाने की कवायद

-145 पैक्स समितियों के सचिवों को वितरित किया माइक्रो एटीएम

-10 लाख से अधिक किसान सहकारी समितियों से होंगे लाभान्वित जागरण संवाददाता, आजमगढ़: मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सहकारिता को आमजन में सर्व सुलभ बनाने के लिए 'सहकारिता आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत माइक्रो एटीएम की सुविधा जिले के सभी पैक्स सचिवों को उपलब्ध कराई जा रही है। बैंक शाखाओं से संबद्ध जिले की 145 पैक्स समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम वितरित किया गया है। अन्नदाताओं को अब धनराशि निकालने के लिए बैंकों में लगनी वाली लंबी कतार से निजात मिलेगी। ग्रामीण किसानों व आमजन को बैंकिग की सुविधा (घर पर ही खाता खोलने व जमा करने) उनके द्वार पर ही सुलभ होगी। यह सुविधा क्षेत्र की समितियों पर ही मिल जाएगी।

जिले में कुल 250 साधन सहकारी समितियां हैं। वर्तमान में 145 सक्रिय समितियां हैं। इनको पूरी तरह से पेपरलेस बनाकर हाइटेक किया जा रहा है। सचिवों को प्रशिक्षित भी किया गया है। किसान अपने क्रेडिड कार्ड या डेबिड कार्ड से रुपये निकाल सकेंगे। जनपद की सहकारी समितियों से करीब 10 लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। जिन्हें खाद, बीज के साथ अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है। किसानों की खुशहाली के लिए सरकार ने सहकारी समितियों को सु²ढ़ व संपन्न बनाने के लिए एकीकृत सहकारी विकास कार्यक्रम लागू किया है। इसके अंतर्गत सहकारी समितियों को हाईटेक किया जा रहा है।

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समिति के सचिवों को मिलेगा कमीशन

साधन सहकारी समिति पर माइक्रो एटीएम की व्यवस्था लागू होने के बाद सचिवों को कमीशन मिलेगा। प्रति खाता खोलवाने पर 50 रुपये व जमा निकासी पर 75 रुपये कमीशन दिया जाएगा। इससे सचिवों की भी आय बढ़ेगी।

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माइक्रो एटीएम के लिए मिलेंगे पांच से 10 हजार

माइक्रो एटीएम के माध्यम से धनराशि निकालने के लिए संबंधित सचिवों को सहकारी बैंक पांच से 10 हजार रुपये देगा। लेन-देन की विवरण उपलब्ध कराने के बाद ही अगली धनराशि जारी की जाएगी।

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बैंकों की कतार से राहत दिलाने के लिए अभी 145 सहकारी समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम दिया गया। क्रेडिड कार्ड या डेबिड कार्ड के माध्यम से किसान रुपये निकाल सकेंगे। इसके लिए सचिवों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जिले के लगभग एक लाख किसानों को लाभ मिलेगा।

-रामकिकर द्विवेदी, सहायक निबंधक एवं सहकारी समितियां।

Edited By: Jagran