जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जिले के रौनापार के रसूलपुर गांव के दो सगे भाइयों के साथ ही जीयनपुर के बासूपार गांव के एक युवक की सऊदी में हुई हत्या की खबर से परिवार में सोमवार को कोहराम मचा हुआ था। हत्या की घटना से उक्त दोनों गांव के लोगों में शोक की लहर है। महराजगंज के हरखपुरा गांव में भी लोग स्तब्ध हैं।

जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के बासूपार गांव निवासी 40 वर्षीय फैयाज पुत्र मसूद अहमद सऊदी के रियाद शहर में शहर में रहकर माल वाहक वाहन चलाता था। परिजन का कहना है कि वह चौदह माह पूर्व सऊदी गया था। वह सऊदी से 15 जनवरी को आजमगढ़ के लिए आने वाला था। फैयाज के छह बच्चों में दो पुत्र 19 वर्षीय रेयान, 13 वर्षीय साहिल के अलावा चार पुत्रियों में 17 वर्षीय हदका, 15 वर्षीय अक्सा, 10 वर्षीय कायमा व 4 वर्षीय अजगरा हैं। सऊदी से उसके आने का इंतजार कर रहे परिजनों को जब उसकी मौत की खबर रविवार की रात को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी अमहरी रो-रो कर बेसुध हो जा रही थी।

रौनापार/बिलरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी 35 वर्षीय सफकत उर्फ जल्लू व 32 वर्षीय शमीम पुत्रगण स्व. समुजोहा उर्फ झिनकू दो वर्ष पूर्व सऊदी गए थे। वे सऊदी के रियाद में रहकर एक शेख का टैक्सी चलाते थे। वे दोनों पांच भाइयों में सबसे छोटा थे। उनके दो और बड़े भाई शौकत उर्फ सल्लू व रफात भी सऊदी के रियाद शहर में ही जीवकोपार्जन के लिए रहते हैं। सबसे बड़ा भाई अब्दुल्ला घर पर ही रहकर अपना व भाइयों के परिवार का देखभाल करता है। दोनों भाइयों की हत्या की खबर जब परिजनों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। मौत की खबर मिलते ही बड़ा भाई अब्दुल्ला नाते रिश्तेदारों के साथ मुंबई के लिए रवाना हो गए। घर पर सिर्फ परिवार की महिलाएं व बच्चे ही मौजूद थे। गांव के लोगों का जमावड़ा सुबह से ही उनके घरों पर लगा हुआ था। लोग अपने स्तर से शोक व्यक्त कर इस घटना की चर्चा करते नजर आए। मृत सफकत उर्फ जल्लो के दो पुत्रियों में 13 वर्षीय जोया, 10 वर्षीय इजरा व एक 4 वर्षीय पुत्र हमजा हैं। शमीम के दो पुत्र व एक पुत्री हैं। उनके मां व पिता की मौत पूर्व में ही हो चुकी हैं। सफकत की पत्नी आरफा व शमीम की पत्नी रूबान की चीख पुकार सुनकर लोगों की आंखे नम हो जा रही थी। परिजनों ने कहा मालिक से हुए विवाद के बाद की गई हत्या

जागरण संवाददाता, रौनापार/बिलरियागंज (आजमगढ़) : परिजनों का कहना है जिले के दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की हुई हत्या के पीछे सऊदी के रियाद शहर में सफकत उर्फ जल्लू के मालिक यानी शेख से विवाद को लेकर ही हुई है। सफकत व शमीम के परिजनों ने बताया कि सफकत उर्फ जल्लों ने जिस शेख यानी अपने मालिक का टैक्सी चलाता था, उसी के नाम से एक मालवाहक गाड़ी फाइनेंस कराया था। फाइनेंस का सभी बकाया रुपये जमा हो जाने के बाद उसने अपने मालिक से उसके नाम की गाड़ी अपने नाम करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर मालिक से उसका विवाद हो गया। विवाद के बाद मालिक ने उसे व उसके भाइयों को भारत वापस भेजने की धमकी देने लगा। इस पर सफकत ने उक्त मालिक के यहां नौकरी छोड़कर रियाद शहर में ही दूसरे शेख अब्दुल माजिद के यहां काम करने लगा। दो जनवरी को दूसरे मालिक से भी उसका रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। दूसरे मालिक ने उसी दिन रात को सफकत को हिसाब पूरा करने के लिए अपने घर पर बुलाया था। सफकत मालिक के घर गया तो उसी दिन से ही वह लापता हो गया। दो दिन बाद भी जब वह वापस नहीं आया तो उसके छोटा भाई शमीम अपने मित्र फैयाज व महराजगंज क्षेत्र के हरखपुरा गांव निवासी दूसरे मित्र के साथ बड़े भाई सफकत का पता करने के लिए गए थे। तभी वे तीनों भी लापता हो गए और उनका भी मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। रियाद में ही रह रहे सफकत के भाई शौकत उर्फ सल्लू ने इस घटना की सूचना सऊदी के भारतीय दूतावास को दिया। भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप पर सऊदी की पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शेख समेत जब इस मामले में 11 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जिले के उक्त चारों युवकों का रविवार को शव बरामद हो गया।

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