जागरण संवाददाता, आजमगढ़: कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को फूलपुर के ऐतिहासिक दुर्वासा धाम के तमसा-मंजूसा के संगम, रानी की सराय के अवंतिकापुरी (आवंक), महराजगंज के बाबा भैरवनाथ सरोवर, मेंहनगर के शिव सरोवर और सगड़ी तहसील के घाघरा व छोटी सरयू नदी सहित छोटे-बड़े सरोवरों में लाखों लोग आस्था की डुबकी लगाएंगे। मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तैयारी में जुट गया है। सोमवार की देर शाम तक प्रशासन मेले की तैयारी को अंतिम रूप देने में लगा हुआ था। जिले सहित सहित आसपास के जनपदों की विभिन्न प्रकार की दुकानें मेले में सज गई हैं।

फूलपुर : ऋषि दुर्वासा धाम पर तीन दिवसीय मेले की तैयारी पूर्ण हो गई है। तीन किलोमीटर की परिधि में लगने वाले मेले की खासियत यह है कि स्नान ध्यान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना होती है लेकिन जितनी भीड़ शिव मंदिर दुर्वासा गांव तमसा-मंजूसा तट पर होती है उतनी भीड़ ऋषि दुर्वासा मंदिर पर नहीं होती। महिलाएं मन्नतों के हिसाब से कढ़ाई चढ़ाती हैं। दोनों तरफ मेले के प्रथम दिन कार्तिक पूर्णिमा पर पचासों हजार लोग स्नान कर जल आदि चढ़ाते हैं। सुरक्षा की ²ष्टि से चार थानों के 25 एसआइ, 100 महिला पुलिस, 75 होमगार्ड, एक प्लाटून पैरा मिलिट्री फोर्स, सीसी कैमरा 10 लगाया गया है। क्षेत्राधिकारी रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि सादे ड्रेस में महिला और पुलिस के जवान लगाए जाएंगे। स्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है जो वायरलेस सेट से लैस रहेगा। मनोरंजन के लिए तमाम प्रकार के झूले, मौत का कुआं के अलावा सौंदर्य प्रसाधन, खेती-गृहस्थी आदि के सामानों की खरीददारी एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी। कारण कि दूर से आने वालों ने एक दिन पहले ही डेरा डाल दिया था। पूर्व के वर्षों की भांति इस बार भी जिलाधिकारी ने आर्केस्ट्रा पार्टी पर रोक लगा दी है।

रौनापार : सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर पर बहने वाली सरयू के तट पर अजगरा मसर्की (नैनीजोर) में लगभग पच्चीस हेक्टेयर में लगने वाले मेले में क्षेत्र के बीस किमी क्षेत्र के लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग आते हैं। तमाम लोग एक दिन पहले मेला करने के उद्देश्य से आ जाते हैं। मेले में मनोरंजन के साधन के साथ लकड़ी के कृषि यंत्र, घरेलू सामान आदि की विक्री होती है। जलेबी, खाझा, गट्टे की मिठास भी मिलती है। सुरक्षा के लिए रौनापार एसओ कृष्ण कुमार, एसआइ चंद्र शेखर यादव, हेड कांस्टेबल योगेन्द्र प्रसाद, सुरेन्द्र यादव आदि भ्रमण कर रहे थे। एसओ कृष्ण कुमार ने बताया कि एक प्लाटून पीएसी भी आ रही है। वहीं महिला पुलिस की भी व्यवस्था है।

रानी की सराय : क्षेत्र के आवंक स्थित अवंतिकापुरी धाम पर मेले की तैयारी सोमवार को पूरी हो गई। इस स्थान का अलग ही महत्व है। पांडव वंशीय राजा परिक्षित के सर्पदंश के बाद राजा जन्मेजय ने यहां नाग यज्ञ करवाया था। नाग यज्ञ कुंड वर्तमान में 84 बीघे का सरोवर हैं। इसी सरोवर में स्नान होता है। स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिर में पूजन-अर्चन करते हैं। दुकानदार एक दिन पहले से ही अपनी जगह सुरक्षित कर लिए हैं। मेले में बच्चो के लिए झूले तो कृषि उपकरण तक की भी दुकानें सजी हुई हैं। मेले के दौरान रानीकीसराय, गंभीरपुर थाना पुलिस के साथ पीएसी बल भी तैनात होगी। वहीं दूसरी ओर स्वयंसेवी भी व्यवस्था की कमान संभालेंगे। सोमवार को मंदिर सफाई के साथ सजावट आदि के काम पूरे हो चुके हैं और दूर-दराज से आने वाले स्थानार्थी पहुंच गए थे।

मेंहनगर : क्षेत्र के स्थित गौरा गांव स्थित शिवसरोवर में डुबकी लगाकर लोग जलाभिषेक करेंगे। मान्यता है कि शिवसरोवर में पांच सोमवार को स्नान कर शिवलिग पर जलाभिषेक करने से चर्म रोग से मुक्ति मिल जाती है। यदि गन्ने के खेत में चूहे का ज्यादा प्रकोप हो तो उनके नाम से पांच अदद गन्ना चढ़ा दिया जाए चूहे खेत से पलायन कर जाते हैं। घाट, मंदिर, मेला स्थल की साफ-सफाई ग्राम प्रधान पति अशोक सिंह ने करवा दी है।

Posted By: Jagran

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