जागरण संवाददाता, आजमगढ़: वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर झेल रहा जिला स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में तीसरी लहर से बचाव के लिए आत्मनिर्भर होने की तरह तेजी से बढ़ रहा है। एक अप्रैल से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं व उपकरणों पर गौर करें तो दो गुना की वृद्धि नजर आती है। पहले कोरोना संक्रमितों के इलाज की जिम्मेदारी राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर पर ही निर्भर थी, लेकिन अब सरकारी व निजी चिकित्सालयों को लेकर 900 आक्सीजन के बेड और 99 आइसीयू के बेड हो गए हैं। आक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति में मऊ के अलावा आक्सीजन कंसंट्रेटर, आक्सीनज फलो मीटर के इंतजाम हुए हैं। हालांकि, इसके पीछे जनप्रतिनिधियों के अपने निधि से बजट उपलब्ध कराने व सेवानिवृत्त आइएएस तथा एमएलसी एके शर्मा की निगरानी का असर भी महत्वपूर्ण है।

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किसने अपने निधि से क्या दिया सपा मुखिया व सदर सांसद अखिलेश यादव ने अपनी निधि से तरवां सीएचसी के लिए एक करोड़ रुपये दिए हैं। इनके अलावा विधायक संग्राम यादव, बसपा विधायक अरिमर्दन आजाद समेत कई विधायकों ने अपनी निधि से 25-25 लाख रुपये दिए हैं। इससे प्रशासन को व्यवस्था सु²ढ़ करने में मदद मिल रही है।

----------------------- एक नजर में वर्तमान में चिकित्सा सुविधाएं:::

-300 आक्सीजन बेड राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में।

-60 आइसीयू बेड राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में।

-100 आक्सीजन बेड 100 शैय्या हास्पिटल अतरौलिया में।

-70 आक्सीजन बेड लाइफ लाइन हास्पिटल रैदोपुर में।

-05 आसीयू बेड लाइफ लाइन हास्पिटल रैदोपुर में।

-70 आक्सीजन बेड रमा हास्पिटल नरौली में।

-02 आक्सीजन बेड रमा हास्पिटल नरौली में।

-50 आक्सीजन बेड वेदांता हास्पिटल लक्षिरामपुर में।

-04 आइसीयू बेड वेदांता हास्पिटल लक्षिरामपुर में।

-100 आक्सीजन बेड सहज हास्पिटल जुनेदगंज में।

-02 आइसीयू बेड सहज हास्पिटल जुनेदगंज में।

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-50 आक्सीजन बेड साईं हास्पिटल हर्रा की चुंगी।

-218 बेड मंडलीय जिला चिकित्सालय हर्रा की चुंगी में।

(कोरोना के लक्षण पर पॉजिटिव न होने पर इमरजेंसी के लिए)

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100 शैय्या अस्पताल तरवां होगा कोविड एल-2

100 शैय्या अस्पताल तरवां को एल-2 अस्पताल विकसित किया जा रहा है। सांसद निधि से दो जेनरेटर भी आ गए हैं। साथ ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।

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यहां आक्सीजन प्लांट स्थापना का कार्य

आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए जिले के कई अस्पतालों में प्लांट लगाने का कार्य चल रहा है या फिर प्रस्तावित है। राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में 400 सिलेंडर प्रतिदिन, 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया में 10 सिलेंडर प्रतिदिन, तरवां में 100 सिलेंडर प्रतिदिन, प्रधानमंत्री केयर फंड से मंडलीय जिला चिकित्सालय में 250 सिलेंडर प्रतिदिन, लालगंज सीएचसी में 100 सिलेंडर प्रतिदिन आक्सीजन का उत्पाद होगा। जबकि लाटघाट सीएचसी के लिए कार्ययोजना बन गई है।

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आक्सीजन आपूर्ति की स्थिति

जिले के एकरामपुर स्थित प्लांट से प्रतिदिन 800 सिलेंडर आपूर्ति करने की क्षमता है। जबकि राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर के लिए अकेल लगभग 750 सिलेंडर ताजपुर मऊ जिले प्लांट से आक्सीजन की आपूर्ति होती है।

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कोविड मरीजों लिए सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को अधिग्रहित किया गया है। सभी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। आक्सीजन की भी आपूर्ति सुचारु है। दूसरे-तीसरे दिन दुर्गापुर से एलएमओ आने से री-फीलिग का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।

- राजेश कुमार, जिलाधिकारी।