-पिछले वर्ष तिलक की रस्म पूरी होने के बाद लग गया था लॉकडाउन

-आर्थिक रूप से कमजोर कन्या पक्ष शादी को नहीं था तैयार

-थाने में एक-दूजे को डाली वरमाला, ग्राम प्रधान बने अभिभावक

जागरण संवाददाता, फूलपुर (आजमगढ़) : पिछले वर्ष तिलक की रस्म के बाद कोरोना ने दो दिल को एक होने से रोक दिया। सारी तैयारी धरी की धरी रह गई और दोबारा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कन्या पक्ष शादी की तारीख तय करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा था। शादी को टलते देख युवक ने रास्ता निकाला और बात पुलिस तक पहुंचा दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को तलब किया तो पूरी तस्वीर साफ हो गई। वर एवं कन्या चाहते थे कि जैसे भी हो लेकिन अब और ज्यादा दिन तक टलनी नहीं चाहिए। ऊदपुर की लड़की की शादी कजरा कोल निवासी युवक से तय थी।तिलक का कार्यक्रम पिछले वर्ष ही हो गया था। विवाह की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी थी। इस बीच लड़के व लड़की में बातचीत होती रही। वर पक्ष ने कई बार वधू पक्ष से तिथि निश्चित करने को कहा।आखिर में हारकर युवक ने पुलिस का सहारा लिया।पुलिस ने कन्या पक्ष को बुलाया, तो माता-पिता ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। उसके बाद ग्रामप्रधान अमित कुमार व पुलिस की उपस्थिति में शादी संपन्न कराई गई, क्योंकि वर और कन्या शादी के पक्ष में थे। हालांकि, शादी में दोनों पक्षों के अभिभावक शामिल नहीं हुए। प्रधान ने अभिभावक की भूमिका निभाई। थाने के मंदिर में वर व कन्या ने एक-दूजे को वरमाला पहनाकर जीवन की नई डगर की शुरुआत की। ग्रामप्रधान पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान भी किया, तो सभी ने उनकी सराहना की।इस अवसर पर थाना प्रभारी रत्नेश कुमार व अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। महिला पुलिसकर्मियों ने भी विशेष सहयोग दिया।