- रजिस्ट्रेशन अनिवार्यता खत्म होते ही 104 टीमें वैक्सीनेशन को गांव-गांव घूमी

-19 हजार का लक्ष्य हासिल करने को झोंकी ताकत,

- महिलाएं हों या पुरुष सबने ली रुचि, बेहतरी की आस जागरण संवाददाता, बलरामपुर (आजमगढ़) : कोरोना को हराने के लिए लोगों में होड़ सी मचती दिख रही है। हम यह बात टीकाकरण केंद्रों पर उमड़ी भीड़ व गांव में वैक्सीनेशन को पहुंची टीमों से बातचीत के आधार पर कह रहे हैं। सुबह 10 से शाम चार बजे तक चले टीकाकरण अभियान के दौरान अधिकांश केंद्रों पर लाइन लगी रही। स्वास्थ अधिकारी मानीटरिग में जुटे रहे तो कर्मचारियों ने भी पसीना बहाने में कोई कसर बाकी नहीं रखना चाह रहे थे।

कोराना रोधी टीकाकरण अभियान को रफ्तार देने के लिए सरकार से रजिस्ट्रेशन की बाध्यता कम करते हुए जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। ऐसे में सोमवार को पहले दिन लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 400 स्वास्थ्य कर्मियों की 104 टीमें गठित कर गांवों में रवाना कर दिया। इसके इतर 28 टीकाकरण केंद्रों पर सामान्य दिनों की तरह अलग से वैक्सीनेशन किए जा रहे थे। बंदिश हटने की सूचना पर पहले दिन लोगों की भीड़ उमड़ी थी। मंडलीय अस्पताल में तो मेले जैसा महौल देखने को मिला। बूथों की संख्या दो ही रखे जाने से कर्मचारी परेशान हो उठे थे। कमोबेश यही स्थिति लालगंज, मेंहनगर, मार्टीनगंज, निजामाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ केंद्रों पर देखने को मिली। उधर 22 ब्लाकों में वैक्सीनेशन के लिए 104 टीमें गांव-गांव पहुंची थी। इनके लिए ब्लाक वार एक हजार का लक्ष्य सौपा गया था। प्रत्येक टीम तैनात एक एएनएम, एक वेरीफायर और दो आशा गांवों में पहुंच सिस्टमेटिक तरीके से टीकाकरण को अंजाम दे रहीं थीं। टीकाकरण केंद्रों से तो बहुतेरे लोग निराश होकर बैरंग हो लिए। मंडलीय अस्पताल में तो टीका करा रहे लोगों के डाटा वेरिफाइ करने वाले कर्मचार भीड़ देख भाग निकले। हालांकि इसकी जानकारी हुई तो कोल्ड चेन मैनेजर पूनम शुक्ला ने मौके पर पहुंच लोगों को शांत कराया और वैक्सीनेशन का काम सुचारु हो सका। टीकाकरण को पहुंचे लोग सरकार के निर्णयों की सराहना कर रहे थे।

Edited By: Jagran