जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : लालगंज में हाईवे पर ईंट भट्ठा मजदूरों से भरी बस मंगलवार की रात पलट गई। हादसे में 12 मजदूर जख्मी हो गए। अन्य यात्री बाल-बाल बच गए। घायलों को निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छोड़ा तो पुलिस ने रैन बसेरा में रहने का इंतजाम किया। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच चालक बस छोड़कर भाग निकला। बस मजदूरों को लेकर बिलरियागंज से रांची (झारखंड) जा रही थी।

मानसून की दस्तक के साथ ही ईंट भट्ठों पर काम बंद हो जाने के कारण मंगलवार की रात बिलरियागंज से दो ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर व उनके स्वजन एक बस में सवार होकर रांची जा रहे थे। बस लालगंज होते हुए हाईवे पर पहुंची ही थी कि चालक ने नियंत्रण खो दिया। उसके बाद अनियंत्रित बस हाईवे से करीब 10 फीट नीचे जा गिरी। आधी रात में हादसा हुआ तो मजदूरों व उनकी पत्नी व बच्चों की चीख-पुकार दूर तक सुनाई पड़ने लगी। इलाकाई लोग भागकर पहुंचे तो बस में फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला जा सका। देवगांव पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल पहुंचे संजय, सुनीता, परदेसी, जोया, सुबासो, सीता कुमारी, सुमन, अनीता, सुनीता को देखने व प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टर ने घर जाने की सलाह दी। मजदूरों के डरे-सहमे होने के कारण रात में देवगांव पुलिस ने रैन बसेरा में ठहरने का इंतजाम किया। घायल सभी मजदूर ग्राम व पोस्ट चामा, थाना चाम्हो, जिला रांची, झारखंड के रहने वाले हैं। मजदूरों ने बताया कि बस में दो ईंट भट्ठा पर काम करने वाले 42 महिलाएं, पुरुष व 12 बच्चे सवार थे। उन्होंने बताया कि बिलरियागंज के झाड़ूपट्टी स्थित ईंट भट्ठे के 29 मजदूर व 12 बच्चे व सुदयपुर शेखपुर के 13 लेबर व बच्चे बस में सवार थे। चौकी प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रात में ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मैंने ईंट भट्ठा मालिकों से बातचीत कर मजदूरों को उनके घर भेजवा दिया है।

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