टाइगर श्राॅफ पर हमले में आजमगढ़ की बबीता का बड़ा रोल, परिवार के लोगों के उड़े होश
आजमगढ़ की बबीता, जो दो साल पहले सोनीपत में पैकिंग का काम करने गई थी, अब टाइगर श्रॉफ पर हमले ...और पढ़ें

टाइगर श्रॉफ हमले में आजमगढ़ की बबीता का कनेक्शन, परिवार सदमे में।

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जागरण संवाददाता, आजमगढ़। टाइगर श्राफ पर हमले में पकड़ी गई तहबरपुर थाना क्षेत्र के कोठियार गांव की बबीता दो साल पहले मौसी के लड़के रवि, उसकी पत्नी और गांव की गुंजना के साथ पैकिंग का काम करने के लिए सोनीपत गई थी।
सोनीपत में पहले से रहकर काम करने वाली गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ ने दो साल पहले जब गांव आए थे तो बताया था कि सोनीपत में पैकिंग का काम करने पर दस से बारह हजार रुपये मिलते हैं। इसके बाद ही बबीता सोनीपत चली गई।
पूजा और उसके पति कुछ माह बाद वापस लौट आए लेकिन बबीता, रवि और उसकी पत्नी के साथ ही गुंजना सोनीपत में काम करने लगे। यहीं पर उसकी दोस्ती सीतापुर के नैमिषारण्य थाना के नहवैया गांव की राधा से हुई। नौ जून-2026 को बबीता अपने गांव किसी शादी में आई थी तो परिवार के लोगों को राधा के बारे में बताया भी था।
बबीता के पिता रामजतन राम खेती-बाड़ी करने के साथ ही मजदूरी भी करते हैं। तीन बेटियों में बबीता सबसे छोटी है और इसकी दोनो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। बबीता के दो भाई है, इसमें एक राजस्थान और दूसरा लुधियाना में रहता है। बहन नीलम ने बताया कि बबीता ने स्नातक तक पढ़ाई की है और सोनीपत में पैकिंग का काम करने दो साल पहले गई थी।
बताया कि इसके पहले बबीता का नाम कभी भी किसी मामले में नहीं आया है। परिवार के लोग खुद ही परेशान है कि बबीता का नाम आखिर कैसे आ गया। बबीता के पिता तहबरपुर थाने पर जाकर उसके बारे में जानकारी कर रहे हैं।
