आजमगढ़, जेएनएन। नए साल के चौथे ही दिन मौसम की चाल एक बार फिर से बेपटरी हो गई। उलटफेर ऐसा हुआ कि सूर्यदेव सुबह नौ बजे धीमे-धीमे निकल सके। 14 डिग्री सेल्सियस पर रहा तापमान राहत देने वाला रहा, लेकिन ठंडी हवाओं ने घरों में पड़े लोगों के पांव में बेड़ियां डाल रखी थी। ऐसे में शहर से लेकर कस्बाई एवं ग्रामीण इलाकों तक में सुबह आठ बजे तक सन्नाटा नजर आया। कामगार मजबूरी में कागज, दफ्तियां जलाकर खुद का बचाव करते नजर आए। नव वर्ष के शुरुआती तीन दिनों तक सुबह धूप खिलने से लोग राहत मसहूस करने लगे थे। सूर्योदय सुबह 6.44 बजे हुआ। 

मौसम की बदली चाल सोमवार तड़के देखने को मिली। भगवान भास्कर आसमान में ढूंढ़ने से भी नजर नहीं आ रहे थे। जबकि घड़ी सुबह के छह के बाद सात, आठ बजाने लगी थी। नौ बजे आसमान में लालिमा नजर आनी शुरू हुई। मौसम में और उलटफेर होने को लेकर लोग आशंकित रहे। हालांकि, छह सात डिग्री सेल्सियस पर रहने वाले तापमान के 14 का अंक छूने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। घरों के बाहर कई दिनों से स्थिर रही हवाओं के 6.04 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से बहने के कारण लोग चाहकर भी नहीं निकल सके।

वायु गुणवत्ता सूचकांक के 255 अंक का आंकड़ा छूना जरूर खतरनाक रहा। इसका आदर्श मानक 100 अंक होने के कारण लोग श्वास लेने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। मौसम का रुख भांप घरों से निकलने वालों मफलर, जैकेट, टोपी, दस्ताना पहने नजर आए। मौसम विज्ञानियों ने आगामी पांच दिनों में मौसम की हालत में कोई बदलाव न होने की आशंका जताई है। उनके मुताबिक अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। सूर्यास्त शाम में 5.19 बजे होने का अनुमान है।

Edited By: Abhishek Sharma