मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी अरविंद की भतीजी, पुलिस ने घर कर दिया है सील
नीतू सिंह ने आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में अपने चाचा अरविंद सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

आरोपी अरविंद का घर पुलिस ने सील कर दिया है।
HighLights
नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की।
शंभूपुर गांव में चाचा अरविंद सिंह की हत्या का मामला।
पुलिस पर घर सील करने और कार्रवाई में देरी का आरोप।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। शंभूपुर गांव में घटना के तीसरे दिन अरविंद सिंह की बड़ी भतीजी नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उनसे न्याय चाहिए।
नीतू ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उनके पिता की हत्या के बाद आरोपितों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी उनके परिवार के साथ हुई। नीतू ने कहा कि घटना के बाद परिवार को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
उनका आरोप है कि आरोपित पक्ष के लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि उनका परिवार असहाय होकर घर से दूर रहने को मजबूर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले में जवाब मांगने की बात कही।
पुलिस ने घर कर दिया सील
नीतू ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर सील कर दिया है, जिससे दादी के कपड़े और जरूरी सामान अंदर ही रह गए हैं। परिवार को जर्जर पुराने मकान में रहने की व्यवस्था पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
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वहीं इस संबंध में एसएसपी का कहना है कि घटना के बाद परिवार इधर-उधर था। मकान को सील नहीं किया गया है, केवल घटना वाले कमरे को सील किया गया। जल्द ही क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने के बाद उसे भी खोल दिया जाएगा। परिवार के सभी लोग मकान में आ जा सकते है।

क्या है पूरा मामला
अहरौला के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद आखिरकार पांच मौतों से शांत हो सका। इस वारदात आरोपी ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपित अपने आठ वर्षीय पुत्र शौर्य, नौ वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया।
सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। देर शाम तक पुलिस आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी। रात दस बजे तक आरोपित घर के बाहर नहीं निकला।

पुरानी रंजिश की जांच कर रही पुलिस
इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया। तीन हत्याओं के पीछे परिवार की पुरानी परिस्थितियां भी चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की वर्ष 2018 में गांव के मंदिर में पूजा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान हत्या कर दी गई थी। सुनील सुरक्षा का काम करता था, जबकि अरविंद कोई नियमित काम नहीं करता था।

नशे का आदी था अरविंद
लोगों ने बताया कि अरविंद नशे का लत भी था और घटना वाले दिन भी वह नशे में था। लोगों के अनुसार, उसकी नशे की लत छुड़ाने और घर में शांति के लिए ही पांच दिवसीय पूजा का आयोजन कराया जा रहा था। अरविंद के बड़े भाई सुनील की पत्नी ममता दिल्ली में किसी कंपनी में काम करती हैं। उनकी दोनों बेटियां अपनी दादी शमला देवी के साथ शंभूपुर गहजी गांव में रहती थीं।
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