कतर में नौकरी करने वाले आजमगढ़ के निवासी से 1.32 करोड़ की साइबर ठगी, ट्रेडिंग एप के जरिए लगाया चूना
आजमगढ़ निवासी एक व्यक्ति कतर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में आकर 1.32 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का शिकार ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
आजमगढ़ निवासी से 1.32 करोड़ की साइबर ठगी।
कतर में ऑनलाइन ट्रेडिंग झांसे में फंसा पीड़ित।
फर्जी यूट्रेड डीएमए ऐप से हुआ करोड़ों का चूना।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 1.32 करोड़ की साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने साइबर हेल्प पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामला दर्ज कराया है। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आलम फहीम कतर में कंस्ट्रक्शन लाइन में काम करते है। फहीम ने जुलाई 2026 में कतर में ही फेसबुक पर कम समय में ऑनलाइन ट्रेडिंग से अधिक मुनाफा कमाने का विज्ञापन देखकर उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने वाट्सएप पर फहीम से संपर्क किया, और एक ग्रुप के माध्यम से प्रशिक्षण देने की बात कही।
साइबर अपराधियों ने फहीम को एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। वाट्सएप के माध्यम से फहीम को प्ले स्टोर से यूट्रेड डीएमए नामक एप डाउनलोड कराया। एप पर लागिन करने बाद, कुछ कंपनियों में निवेश करने के बारे में कहा गया। साइबर अपराधी वाट्सएप ग्रुप समय समय पर कंपनियों में निवेश करने का निर्देश देते थे। शुरूआत में निवेश के बाद पांच से दस प्रतिशत का मुनाफा दिलाते थे।
झांसे में आने के बाद एक दिन साइबर अपराधियों ने ग्रुप पर किसी आइपीओ में निवेश करने को कहा, बताया कि इसमें अधिक मुनाफा मिलेगा।इसके बाद फहीम ने अपने आजमगढ़ स्थित बैंक के दो खातों से कई बार में 1.32 करोड़ रुपये लगा दिया। शुरूआत में एप के माध्यम से मुनाफा भी दिखाया गया, लेकिन वह निकाल नहीं सका। अगस्त में फहीम जब अपने रुपये निकालने का प्रयास किया तो नियम और शर्तों का हवाला देकर निकासी रोक दिया गया।धीरे धीरे यह सिलसिला करीब तीन माह चला इसके बाद सितंबर
के अंतिम सप्ताह में फहीम को साइबर ठगी का एहसास हुआ। करीब एक सप्ताह पहले घर लौटने के बाद साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्ले स्टोर से हटा फर्जी एप
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जिस एप के माध्यम से उसके साथ ठगी हुई थी वह अब प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। कई बार प्रयास करने के बाद भी उस एप के बार में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस उस एप के बार में भी पता लगा रही है।
मामला संज्ञान में आया है। साइबर टीम इसकी जांच कर रही है। ठगी की घटना दूसरे देश में हुई है। आमजन से अपील है कि वे इस तरह के झांसे में न आएं और किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह सत्यापन जरूर कर लें।- पंकज श्रीवास्तव, एएसपी नोडल साइबर अपराध
